Category Archives: भाषा

अनुवाद एवं भाषाविज्ञान

अनुवाद एक भाषिक कला है। सामान्य अर्थ में, एक भाषा में कही गई बात को दूसरी भाषा में कहना ‘अनुवाद’ है। यहाँ कथन या अभिव्यक्ति का माध्यम है ‘भाषा’। स्पष्ट है कि अनुवाद क्रिया पूर्णत: भाषा पर आधारित है। कदाचित इसीलिए भोलानाथ तिवारी जी ने अनुवाद को ‘भाषान्तर’ कहा है। एक भाषिक क्रिया होने के… Read More »

हिन्दी भाषा के विविध रूप

भाषा का सर्जनात्मक आचरण के समानान्तर जीवन के विभिन्न व्यवहारों के अनुरूप भाषिक प्रयोजनों की तलाश हमारे दौर की अपरिहार्यता है। इसका कारण यही है कि भाषाओं को सम्प्रेषणपरक प्रकार्य कई स्तरों पर और कई सन्दर्भों में पूरी तरह प्रयुक्त सापेक्ष होता गया है। प्रयुक्त और प्रयोजन से रहित भाषा अब भाषा ही नहीं रह… Read More »

मानक भाषा का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

मानक भाषा को कई नामों से पुकारते हैं। इसे कुछ लोग ‘परिनिष्ठित भाषा’ कहते हैं और कई लोग ‘साधु भाषा’। इसे ‘नागर भाषा’ भी कहा जाता है । अंग्रेजी में इसे Standard Language’ कहते हैं। मानक का अर्थ होता है एक निश्चित पैमाने के अनुसार गठित। मानक भाषा का अर्थ होगा, ऐसी भाषा जो एक… Read More »

सम्पर्क भाषा के रूप में हिन्दी

भारत जैसे बहुभाषा-भाषी देश में सम्पर्क भाषा की महत्ता असंदिग्ध है। इसी के मद्देनजर ‘सम्पर्क भाषा (जनभाषा) के रूप में हिन्दी’ शीर्षक इस अध्याय में सम्पर्क भाषा का सामान्य परिचय देने के साथ-साथ सम्पर्क भाषा के रूप में हिन्दी के स्वरूप एवं राष्ट्रभाषा और सम्पर्क भाषा के अंत:सम्बन्ध पर भी विचार किया गया है। सम्पर्क… Read More »

राष्ट्रभाषा तथा राजभाषा के रूप में हिन्दी

‘राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा के रूप में हिन्दी’ शीर्षक इस लेख में राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा का सामान्य परिचय व उनके स्वरूप की चर्चा की गई है। इसके अलावा राजभाषा की विशेषताएँ एवं उसके प्रयोग क्षेत्र पर भी सविस्तार विचार किया गया है। राष्ट्रभाषा बनाम राजभाषा  समाज में जिस भाषा का प्रयोग होता है साहित्य की भाषा… Read More »

राजभाषा हिंदी सम्बन्धी विभिन्न समितियां

हिन्दी सलाहकार समितियाँ  भारत सरकार की राजभाषा नीति के सूचारू रूप से कार्यान्वयन के बारे में सलाह देने के उद्देश्य से विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में हिन्दी सलाहकार समितियों की व्यवस्था की गई। इस समितियों के अध्यक्ष सम्बन्धित मंत्री होते हैं और उनका गठन ‘केन्द्रीय हिन्दी समिति’ (जिसके अध्यक्ष माननीय प्रधानमंत्री जी हैं) सिफारिश के आधार पर… Read More »

राजभाषा नियम, 1976 में ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ क्षेत्र का भौगोलिक विभाजन

राजभाषा नियम, 1976  राजभाषा नियम, 1976 सा. का. नि. 1052 केन्द्रीय सरकार -राजभाषा अधिनियम, 1963(1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के साथ पठित धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ इन नियमों का संक्षिप्त नाम राजभाषा (संघ… Read More »

बोलचाल की भाषा क्या है ?

बोलचाल की भाषा का सामान्य परिचय  आमतौर से सामान्य भाषा के अन्तर्गत भाषा के कर्इ रूप उभर कर आते हैं। डॉ. भोलानाथ के अनुसार, ये रूप प्रमुखत: चार आधारों पर आधारित हैं- इतिहास, भूगोल, प्रयोग और निर्माता। इनमें प्रयोग क्षेत्र सबसे विस्तृत है। जब कर्इ व्यक्ति-बोलियों में पारम्पारिक सम्पर्क होता है, तब बोलचाल की भाषा का प्रसार… Read More »

भाषा की उत्पत्ति, प्रकार्य, विशेषता एवं विविध रूप

भाषा की उत्पत्ति- भाषा की उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए दो मुख्य आधार है – 1. प्रत्यक्ष मार्ग 2. परोक्ष मार्ग। 1. प्रत्यक्ष मार्ग  भाषा वैज्ञानिकों ने भाषा की उत्पत्ति के सम्बन्ध में विभिन्न मतों का उल्लेख किया है। जिनमें प्रमुख इस प्रकार हैं –  1. दिव्य उत्पत्ति का सिद्धान्त- भाषा की उत्पत्ति के… Read More »

भाषा संरचना क्या है?

भाषा संरचना का मूलाधार संरचनात्मक पद्धति है जिस प्रकार भवन रचना में ईट, सीमेंट, लोहा, शक्ति अर्थात् मजदूर और कारीगर की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार भाषा-संरचना में ध्वनि, शब्द, पद, वाक्य, प्रोक्ति और अर्थ की अपनी-अपनी भूमिका होती है। ध्वनि -संरचना सामान्यत: किन्हीं दो या दो से अधिक वस्तुओं के आपस में टकराने से… Read More »