Category Archives: भूगोल

भूगोल का अर्थ, परिभाषा एवं अध्ययन विधियां

भूगोल दो शब्दों से मिलकर बना है- भू + गोल हिन्दी में ‘भू’ का अर्थ है पृथ्वी और ‘गोल’ का अर्थ गोलाकार स्वरूप। अंग्रेजी में इसे Geography कहते हैं जो दो यूनानी शब्दों Geo (पृथ्वीं) और graphy (वर्णन करना) से मिलकर बना है। भूगोल का शाब्दिक अर्थ ‘‘वह विषय जो पृथ्वी का संपूर्ण वर्णन करे… Read More »

पर्यटन का अर्थ

पर्यटन का अर्थ  पर्यटन अपने आधुनिक रूप में, प्रारम्भिक समय के मानवीय इतिहास के भ्रमणों/ यात्राओं के समान नही है यहूिदया की भाषा मे शब्द ‘‘तोरह्’’ का अर्थ अध्ययन करना या खोज करना है ‘‘टफअर’’ उसमें से निकाला प्रतीत होता है लैटिन में मूल शब्द ‘‘टोरनोस’’ उसके समीपस्थ है ‘टोरनोस’ एक प्रकार के गोल पहिये जैसा… Read More »

शैल के प्रकार एवं आर्थिक महत्व

शैल अपने निर्माण की क्रिया द्वारा तीन प्रकार की होती है- आग्नेय शैल आग्नेय शैल जैसा कि नाम से ही स्पष्ठ है कि इस शैल की उत्पत्ति अग्नि से हुई होगी इसी आधार पर इसका नाम आग्नेय शैल रखा गया है यह अति तप्त चट्टानी तरल पदार्थ जिसे मैग्मा कहते है, के ठंडे होने से… Read More »

भारत का भौतिक स्वरूप

प्राचीन काल से भारत सोने की चिड़िया व दूध की नदियों का देश कहा जाता था और अब वह दिन दूर नहीं जब कि वह पूर्ण विकसित होकर पुन: धन धान्य की स्थिति प्राप्त कर लेगा। वर्तमान में केवल भारत वर्ष तथा इंडिया शब्द संवैधानिक रूप से अधिकृत है। आकार की दृष्टि से भारत संसार… Read More »

पेट्रोलियम की उत्पत्ति एवं संरक्षण

ऊर्जा के संसाधनों में पेट्रोलियम (Petra = ,शैल, Oleum = तेल) अर्थात् खनिज तेल का महत्व बहुत अधिक व्यापक है। कोयले की अपेक्षा पेट्रोलियम हल्का होता है, तथा इसमें ताप देने की शक्ति कोयले से कई गुना अधिक होती है। इसलिए मोटर गाड़ियों, रेल के इंजनों, जलपोतों और वायुयानों में पेट्रोल ही चालक शक्ति होता… Read More »

भारत में प्राकृतिक वनस्पति के प्रकार

पौधों की जातियों, जैसे पेड़ों, झाड़ियों, घासों, बेलों, लताओं आदि के समूह, जो किसी विशिष्ट पर्यावरण में एक दूसरे के साहचर्य में विकसित हो रहे हैं, को प्राकृतिक वनस्पति कहते हैं। इसके विपरीत वन से तात्पर्य पेड़ों व झाड़ियों से युक्त एक विस्तृत भाग से है जिसका हमारे लिये आर्थिक महत्व है। इस प्रकार प्राकृतिक… Read More »