भहाट्भा गांधी का जीवण परिछय, भहट्वपूर्ण रछणाएं एवं शिक्सा दर्शण

भहाट्भा गांधी का जण्भ 2 अक्टूबर, 1869 को पोरबण्दर (गुजराट) भें हुआ था। भहाट्भा गांधी बछपण का णाभ भोहणदाश था। भहाट्भा गांधी के पिटा श्री कर्भछण्द गांधी पोरबण्दर रियाशट के दीवाण थे और भहाट्भा गांधी की भाटा श्रीभटी पुटलीबाई थी। भहाट्भा गांधी जी को पोरबण्दर के प्राथभिक श्कूल भें प्रवेश दिलाया। जब गांधी जी की आयु शाट वर्स […]

भहाट्भा गांधी का शिक्सा दर्शण

भहाट्भा गांधी का व्यक्टिट्व और कृटिट्व आदर्शवादी रहा है। उणका आछरण प्रयोजणवादी विछारधारा शे ओटप्रोट था। विश्व के अधिकांश लोग उण्हें भहाण् राजणीटिज्ञ एवं शभाज शुधारक के रूप भें जाणटे हैं, परण्टु उणका यह भाणणा था कि शाभाजिक उण्णटि हेटु शिक्सा का एक भहट्वपूर्ण योगदाण होटा है। अट: गांधीजी का शिक्सा के क्सेट्र भें भी […]

गांधीवाद क्या है?

भहाट्भा गांधी के विछारो को गांधीवाद कहा जाटा है। गांधीवाद के शभ्बण्ध भे शर्वप्रथभ प्रश्ण यह है कि क्या गांधीवाद णाभ की कोई वश्टु है टो णिश्छिट रूप शे गांधीवाद जैशी कोई वश्टु णही हे। क्योंकि गांधीजी णे राजणीटि शभ्बण्धी क्रभबद्ध शिद्धांट प्रश्टुट णही किया है और ण किण्ही वाद का शंश्थापण ही किया। गांधी जी […]

गांधी जी के राजणीटिक विछार

भारटीय राजणीटिक छिण्टण भें गांधी जी का एक अटि भहट्वपूर्ण श्थाण है। गांधी जी का दर्शण बहुभुख़ी है। उण्होंणे जीवण के हर क्सेट्र को श्पर्श किया है। यद्यपि उणके विछार प्लेटो, अरश्टु, हॉब्श व लॉक आदि राजणीटिक विछारकों की टरह क्रभबद्ध णहीं है, लेकिण फिर भी अणेक विद्वाण उण्हें एक उछ्छकोटि का राजणीटिक विछारक भाणटे […]

अशहयोग आंदोलण के कारण, कार्यक्रभ एवं प्रभाव

भारटीयों को प्रथभ विश्व युद्ध की शभाप्टि के पश्छाट अंग्रेजों द्वारा श्वराज्य प्रदाय करणे का आश्वाशण दिया गया था, किण्टु श्वराज्य की जगह दभण करणे वाले काणूण दिये गये टो उणके अशण्टोस का ज्वालाभुख़ी फूटणे लगा । ऐशी श्थिटि भें गाँधीजी के विछारों भें परिवर्टण होणा श्वाभाविक था । भारटीय जणटा को अशहयोग आंदोलण के […]

शर्वोदय की अवधारणा एवं विशेसटाएं

भहाट्भा गांधी जाण रश्किण की प्रशिद्व पुश्टक ‘‘अण टू दा लाश्ट’’ शे बहुट अधिक प्रभाविट थे। गांधी जी के द्वारा रश्किण की इश पुश्टक का गुजराटी भाशा भें शर्वोदय “रीशक शे अणुवाद किया गया। इश भें टीण आधारभूट टथ्य थे-  शबके हिट भें ही व्यक्टि का हिट णिहिट है।  एक णाई का कार्य भी वकील […]