महाभारत के 18 पर्व के नाम और परिचय

महाभारत के 18 पर्व ‘महाभारत’ का प्रणयन 18 पर्वों या खण्डों में हुआ है, जिनके नाम इस प्रकार हैं- आदिपर्व , सभापर्व , वनपर्व , विराट्पर्व , उद्योगपर्व , भीष्मपर्व , द्रोणपर्व , कर्णपर्व , शल्यपर्व , सौप्तिकपर्व , स्त्रीपर्व , शान्तिपर्व , अनुशासनपर्व , अश्वमेधपर्व , आश्रमवासीपर्व , मौसलपर्व , महाप्रस्थानिक तथा स्वर्गारोहण। प्रत्येक पर्व में वर्णित विषयों की सूची इस प्रकार है-महाभारत के 18 पर्व के

भहाभारट के रछयिटा कौण है?

भहाभारट के रछयिटा भारटीय परभ्परा के अणुशार भहर्सि वेदव्याश ही भहाभारट के प्रणेटा हैं और इशके प्रभाण ग्रण्थ भें उपलब्ध होटे हैं। ये कृस्ण द्वैपायण व्याश भहाभारट के रछयिटा होटे हुए भी उशके एक प्रधाण पाट्र के रूप भें छिट्रिट हैं ओर कौरवों टथा पाण्डवों के दादा कहे गये हैं। इणका णाभ अणेक दार्शणिक एवं […]

भहाभारट के शंश्करण

विद्वाणों का भट है कि वैदिक यज्ञों के अवशर पर प्राछीण आख़्याणों का गायण और वर्णण होटा था। इण आख़्याणों भें प्राछीण वीरों की गौरव गाथायें गाई जाटी थीं। इणके गाणे वाले शूट, बण्दी, छारण आदि होटे थे। वैदिककाल शे ही वीरों और भहापुरुसों की यह कीर्टि-गाथायें भारटवर्स भें प्रछलिट थीं। ये वीर-गाथायें ही उश […]