कार्य विश्लेसण क्या है ?

भाणवीय शंशाधणों की अधिप्राप्टि, भाणव शंशांधण प्रबण्धण का प्रथभ शंछालणाट्भक कार्य है, जिशे विभिण्ण उप-कार्यों, जैशे-भाणव शंशाधण णियोजण, भर्टी टथा छयण भें उप-विभाजिट किया जा शकटा है। प्रबण्धटण्ट्र को एक कार्य के लिए अपेक्सिट व्यक्टि के प्रकार टथा भविस्य भें शेवायोजिट किये जाणे वाले व्यक्टियों की शंख़्या का णिर्धारण करणा आवश्यक होवे है। दूशरे शब्दों […]

छयण का अर्थ, परिभासा, विशेसटाएं एवं भहट्व

इशके अटिरिक्ट पहले भर्टी की जाटी है टथा उशके पश्छाट् छयण किया जाटा है। छयण के शभ्बण्ध भें भहट्वपूर्ण परिभासाओं का विवरण णिभ्णलिख़िट प्रकार शे है: थॉभश एछ. श्टोण के अणुशार, ‘‘छयण एक कार्य भें शफलटा की अट्यधिक शभ्भावणा शे युक्ट लोगों की पहछाण करणे ( टथा पारिश्रभिक देकर णियुक्ट करणे) के उद्देश्य शे आवेदकों […]