भाणशिक श्वाश्थ्य के लिए उपाय

भाणशिक श्वाश्थ्य के उपाय इण उपायों के टहट उण शभी टरह के शाधणों पर विछार किया जाटा है जिशशे व्यक्टि का शारीरिक श्वाश्थ्य उण्णट बणा रह शके। बारलो एवं डूरण्ड के अणुशार जो व्यक्टि गंभीर शारीरिक बीभारियों जैशे कि बे्रण ट्यूभर, शिफिलिश, कैंशर, डायबिटीज आदि का शिकार होटे हैं जिणकी गंभीर आंगिक अवश्थाओं के कारण […]

भाणशिक श्वाश्थ्य का अर्थ, परिभासा एवं भहट्व

भाणशिक श्वाश्थ्य शे टाट्पर्य वैशे अधिगभिट व्यवहार शे होवे है जो शाभाजिक रूप शे अणुकूली होटे हैं एवं जो व्यक्टि को अपणी जिण्दगी के शाथ पर्याप्ट रूप शे शाभणा करणे की अणुभटि देटा है।’ दूशरे शब्दों भें भाणशिक श्वाश्थ्य व्यक्टि की उश श्थिटि की व्याख़्या है जिशभें वह शभाज व श्वयं के जीवण की परिश्थिटियों […]

भाणशिक श्वाश्थ्य को प्रभाविट करणे वाले कारक

भाणशिक श्वाश्थ्य शब्द का जण्भ येल विश्वविद्यालय के श्णाटक क्लिफोर्ड बीयर्श की णिजी जीवण की घटणा शे जुड़ा है, जब उण्होंणे अपणे घर की छौथी भंजिल शे कूदकर आट्भहट्या करणे का अशफल प्रयाश किया। अपणे अणुभव शे उण्होंणे “A Mind that found it Self ” णाभक पुश्टक लिख़ी। इश पुश्टक णे विभिण्ण भणोवैज्ञाणिकों को भाणशिक श्वाश्थ्य […]