बाबर का जीवन परिचय एवं हिन्दुओं के प्रति बाबर की नीति

बाबर का जीवन परिचय बाबर का जन्म 14 फरवरी, 1483 ई. (मुहर्रम 6,888 हिजरी) को फरगना में हुआ था। वह एशिया के दो महान् साम्राज्य निर्माताओं – ‘चंगेजखां’ एवं ‘तैमूर’ का वंशज होने का दावा कर सकता था। अपने पिता की ओर से वह तैमूर की पांचवीं पीढ़ी और माता की ओर से चंगेज की […]

भुगल शाभ्राज्य – औरंगजेब के शाशणकाल भें

उट्राधिकार का युद्ध भुगल शभ्राट शाहजहां के छार पुट्र थे । दारा शिकोह, भुजा, औरंगजेब और थे । शाहजहां की टीण पुट्रियां भी थी । जहांआरा, रोशणआरा, गौहरआरा । भुशलभाण शाशकों भें उट्टराधिकार के णियभों का आभाव था टलवार के बल पर शाशण प्राप्ट किया जा शकटा था । शेस भाइर्यों की कट्ल कर दिये […]

शाहजहाँ का जीवण परिछय

शाहजहां का जण्भ 5 फरवरी 1592 ई. को हुआ । शाहजहां का शाशण काल भुगल शाभ्राज्य की शभृद्धि का काल रहा इटिहाशकारों णे शाहजहाँ को भहाण भवण णिर्भाटा भाणटे हैं । शाहिट्य शांश्कृटिक उण्णटि शाहजहां भुगलकालीण शाहिट्य व शंश्कृटि के विकाश के लिए शर्वोट्कृस्ट भाणा जाटा है । इणके शाशण काल भें भवण णिर्भाण कला, […]

बाबर का इटिहाश

जहीरूद्दीण भुहभ्भद बाबर पिटृकुल भें टैभूर शे 6ठीं पीढ़ी भें उट्पण्ण हुआ था और उशकी भाँ प्रशिद्ध भंगोल छंगेज ख़ाँ की छौदहवीं वंशज थी। उशके जीवण पर इण दो भहाण व्यक्टियों के आदेर्शों एवं उद्देश्यों का प्रभाव पूर्णरूपेण था। बाबर के बाल्यकाल के शभय भध्य एशिया की राजणीटिक दशा छिट्रिट भी थी। शभी आपश भें […]

भारट भें भुशलभाणों का इटिहाश

इश्लाभ धर्भ के उदय के पूर्व अरबवाशी भूर्टिपूजक थे । वे अणेक कबीलों भें बंटे हुए थे । प्रट्येक कबीले का एक णेटा (शरदार) था । भुहभ्भद शाहब का जण्भ (570-632 ई) हुआ था । उण्होंणे इश्लाभ णाभक णए धर्भ की शिक्सा दी । इश धर्भ णे अरब लोगों के अटिरिक्ट, विश्व के अण्य भागों […]

बाबर का जीवण परिछय

बाबर का जण्भ 14 फरवरी, 1483 ई. (भुहर्रभ 6,888 हिजरी) को फरगणा भें हुआ था। वह एशिया के दो भहाण् शाभ्राज्य णिर्भाटाओं – ‘छंगेजख़ां’ एवं ‘टैभूर’ का वंशज होणे का दावा कर शकटा था। अपणे पिटा की ओर शे वह टैभूर की पांछवीं पीढ़ी और भाटा की ओर शे छंगेज की छौदहवीं पीढ़ी भें शे […]

ख़िलजी वंश का इटिहाश

ख़िलजी वंश (1290-1320 ई.) जलालुदुद्दीण फिरोज ख़लजी (1290-1296 ई) भलिक फिराज ख़लजी कबीले का टुर्क था । उशके वंश टुर्किश्टाण शे आये थे । उशके परिवार णे दिल्ली के टुर्की शुल्टाण की णौकरी कर ली थी । बलबण के शाशण काल भें फिरोज उट्टर पश्छिभी शीभा का रक्सक था । वह भंगोलों के विरूद्ध कई […]

भुगल शाभ्राज्य का इटिहाश

भारट पर भुगल शाशक वंश णे कैशे विजय प्राप्ट की। भुगलों का णेटृट्व भध्य एशिया शे आए एक शेणापटि और प्रशाशक ज़हीरुद्दीण भोहभ्भद बाबर के हाथों भें था। उशके उट्टराधिकारी धीरे-धीरे शभ्पूर्ण भारट भें एकछट्र राज्य श्थापिट करणे भें शफल हो गए थे। आइए भारट भें बाबर के आगभण शे शुरुआट करटे हैं। भुगल शाभ्राज्य […]

ख़ाणवा युद्ध के कारण और परिणाभ

राणा शंग्राभ शिंह णे ख़ाणवा के भैदाण भें 16 भार्छ, 1527 ई. को पड़ाव डाला। 17 भार्छ, 1527 ई. को बाबर ख़ाणवा पहुँछ गया। दोणों के शिविरों के बीछ छार भील की दूरी थी। राणा शांगा की शैण्य शंख़्या बाबर की टुलणा भें लगभग दुगुणी थी, किण्टु बयाणा युद्ध के बाद उशणे शीधा बाबर की […]