Category Archives: मुगल साम्राज्य

मुगल साम्राज्य – औरंगजेब के शासनकाल में

उत्राधिकार का युद्ध मुगल सम्राट शाहजहां के चार पुत्र थे । दारा शिकोह, भुजा, औरंगजेब और थे । शाहजहां की तीन पुत्रियां भी थी । जहांआरा, रोशनआरा, गौहरआरा । मुसलमान शासकों में उत्तराधिकार के नियमों का आभाव था तलवार के बल पर शासन प्राप्त किया जा सकता था । शेष भाइर्यों की कत्ल कर दिये… Read More »

शाहजहाँ का जीवन परिचय

शाहजहां का जन्म 5 फरवरी 1592 ई. को हुआ । शाहजहां का शासन काल मुगल साम्राज्य की समृद्धि का काल रहा इतिहासकारों ने शाहजहाँ को महान भवन निर्माता मानते हैं । साहित्य सांस्कृतिक उन्नति शाहजहां मुगलकालीन साहित्य व संस्कृति के विकास के लिए सर्वोत्कृष्ट माना जाता है । इनके शासन काल में भवन निर्माण कला,… Read More »

बाबर का इतिहास

जहीरूद्दीन मुहम्मद बाबर पितृकुल में तैमूर से 6ठीं पीढ़ी में उत्पन्न हुआ था और उसकी माँ प्रसिद्ध मंगोल चंगेज खाँ की चौदहवीं वंशज थी। उसके जीवन पर इन दो महान व्यक्तियों के आदेर्शों एवं उद्देश्यों का प्रभाव पूर्णरूपेण था। बाबर के बाल्यकाल के समय मध्य एशिया की राजनीतिक दशा चित्रित भी थी। सभी आपस में… Read More »

भारत में मुसलमानों का इतिहास

इस्लाम धर्म के उदय के पूर्व अरबवासी मूर्तिपूजक थे । वे अनेक कबीलों में बंटे हुए थे । प्रत्येक कबीले का एक नेता (सरदार) था । मुहम्मद साहब का जन्म (570-632 ई) हुआ था । उन्होंने इस्लाम नामक नए धर्म की शिक्षा दी । इस धर्म ने अरब लोगों के अतिरिक्त, विश्व के अन्य भागों… Read More »

बाबर का जीवन परिचय

बाबर का जन्म 14 फरवरी, 1483 ई. (मुहर्रम 6,888 हिजरी) को फरगना में हुआ था। वह एशिया के दो महान् साम्राज्य निर्माताओं – ‘चंगेजखां’ एवं ‘तैमूर’ का वंशज होने का दावा कर सकता था। अपने पिता की ओर से वह तैमूर की पांचवीं पीढ़ी और माता की ओर से चंगेज की चौदहवीं पीढ़ी में से… Read More »

खिलजी वंश का इतिहास

खिलजी वंश (1290-1320 ई.) जलालुदुद्दीन फिरोज खलजी (1290-1296 ई) मलिक फिराज खलजी कबीले का तुर्क था । उसके वंश तुर्किस्तान से आये थे । उसके परिवार ने दिल्ली के तुर्की सुल्तान की नौकरी कर ली थी । बलबन के शासन काल में फिरोज उत्तर पश्चिमी सीमा का रक्षक था । वह मंगोलों के विरूद्ध कई… Read More »

मुगल साम्राज्य का इतिहास

भारत पर मुगल शासक वंश ने कैसे विजय प्राप्त की। मुगलों का नेतृत्व मध्य एशिया से आए एक सेनापति और प्रशासक ज़हीरुद्दीन मोहम्मद बाबर के हाथों में था। उसके उत्तराधिकारी धीरे-धीरे सम्पूर्ण भारत में एकछत्र राज्य स्थापित करने में सफल हो गए थे। आइए भारत में बाबर के आगमन से शुरुआत करते हैं। मुगल साम्राज्य… Read More »

खानवा युद्ध के कारण और परिणाम

राणा संग्राम सिंह ने खानवा के मैदान में 16 मार्च, 1527 ई. को पड़ाव डाला। 17 मार्च, 1527 ई. को बाबर खानवा पहुँच गया। दोनों के शिविरों के बीच चार मील की दूरी थी। राणा सांगा की सैन्य संख्या बाबर की तुलना में लगभग दुगुनी थी, किन्तु बयाना युद्ध के बाद उसने सीधा बाबर की… Read More »