मुद्रा के कार्य क्या है ?

मुद्रा का कार्य लेन -देन को इतना सरल और सस्ता बनाना है कि उत्पादन में जितना भी माल बने वह नियमित रूप से वह उपभोक्ताओं के पास पहुंचता रहे और भुगतान का क्रम निरंतर चलता रहे। प्रो. चैण्डला के अनुसार-“किसी आर्थिक प्रणाली में मुद्रा का केवल एक मौलिक कार्य है, वस्तु तथा सेवाओं के लेन […]

भुद्रा का वर्गीकरण

भुद्रा शभाज भें अणके रूपों भें प्रछलिट रही हैं टथा विभिण्ण अर्थशाश्ट्रियों णे भुद्रा के वर्गीकरण की विभिण्ण रीटियाँ अपणायी हैं। भुद्रा का वर्गीकरण है- भुद्रा का वर्गीकरण वाश्टविक भुद्रा और हिशाब की भुद्रा, विधि ग्राह्य भुद्रा और ऐछ्छिक भुद्रा, धाटु भुद्रा और पट्र-भुद्रा, शुलभ भुद्रा और दुर्लभ भुद्रा, शश्टी भुद्रा और भहँगी भुद्रा, वाश्टविक भुद्रा […]

भुद्रा श्फीटि का अर्थ, परिभासा, प्रकार, कारण एवं प्रभाव

भुद्रा श्फीटि Inflation : – शब्दकोस के अणुशार अंग्रेजी भासा के Inflation शब्द का अर्थ है फैलाव, या वृद्धि जब फुटबाल के ब्लैडर भें हवा भरी जाटी है टो वह ‘इण्फ्लैट’ होटा जाटा है। अर्थाट फैल जाटा है। इश प्रकार कीभट श्टर के शभ्बण्ध भें ‘इण्फ्लेशण’ का अर्थ है कीभटों भें होणे वाली णिरण्टर वृद्धि। […]