Category Archives: मौलिक अधिकार

मौलिक अधिकार के प्रकार एवं विशेषताएं

भारतीय समाज के व्याप्त असमानताओं एवं विषमताओं को दूर करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 में समानता के अधिकार का उल्लेख किया गया है। समानता के अधिकार के अपवाद – सामाजिक समानता में सबको समान मानते हुए भी राज्य स्त्रियों तथा बच्चों को विशेष सुविधाएं प्रदान कर सकता है और इसी प्रकार… Read More »

मौलिक अधिकार का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, महत्व, एवं विशेषताएँ

मौलिक अधिकार वे अधिकार होते है जो व्यक्ति के जीवन के लिए मौलिक एवं आवश्यक होने के कारण संविधान के द्वारा नागरिकों को प्रदान किये जाते है। मौलिक अधिकार के महत्व के संबंध में डॉ. अम्बेडकर का यह कथन उल्लेखनीय है- ‘‘यदि मुझसे कोई प्रश्न पूछे कि संविधान का वह कौन सा अनुच्छेद है जिसके… Read More »

मौलिक अधिकारों की विशेषताएं

व्यक्ति और राज्य के आपसी सम्बन्धों की समस्या सदैव ही जटिल रही है और वर्तमान समय की प्रजातन्त्रीय व्यवस्था में इस समस्या ने विशेष महत्व प्राप्त कर लिया है। यदि एक ओर शान्ति तथा व्यवस्था बनाये रखने के लिए नागरिकों के जीवन पर राज्य का नियन्त्रण आवश्यक है तो दूसरी ओर राज्य की शक्ति पर… Read More »

भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार

भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार – भारतीय संविधान के द्वारा भारत के नागरिकों को 6 प्रकार के मौलिक अधिकार दिए गए है: वे है:- भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार 1. समानता का अधिकार (Right to Equality-Article 14 to 18) – समानता का अधिकार प्रजातन्त्र का आधार स्तम्भ है, अत: भारतीय संविधान द्वारा सभी व्यक्तियों… Read More »