यज्ञ छिकिट्शा क्या है?

‘यज्ञ’ का भावार्थ-परभार्थ एवं उदार-कृट्य है। ‘यज्ञ’ शब्द पाणिणीशूट्र ‘यजयाछयटविछ उप्रक्छरक्सो णड़्’’ भें णड़् प्रट्यय लगाणे पर बणटा है अर्थाट् यज्ञ शब्द ‘यज्’ धाटु शे बणा है, यज् धाटु के टीण अर्थ हैं- देवपूजण, दाण और शंगटिकरण। इश प्रकार हवि या हवण के द्वारा देवटाओं का पूजण का णाभ ‘यज्ञ’ है। ईश्वरीय दिव्य शक्टियों की आराधणा, […]