Category Archives: यूरोप का इतिहास

यूरोप में धर्म सुधार आंदोलन के कारण

1517 ई. से 1648 ई. तक का युग धर्म सम्बन्धी सुधारों का युग था। चर्च और पोप के भ्रष्ट तंत्र के विरूद्ध जो आंदोलन हुआ वह धर्म सुधार आंदोलन था। इस आंदोलन के दो लक्ष्य थे- (1) ईसाईयों में धार्मिक, नैतिक और आध्यात्मिक जीवन को पुन: उन्नत और श्रेश्ठ करना और (2) रोम के पोप… Read More »

फ्रांसीसी क्रांति के कारण और प्रभाव

18वीं शताब्दी के आरंभ में 1715 ई. में लुई चतुर्दश की मृत्यु उपरांत उसका पुत्र लुई पंद्रहवें के नाम से फ्रांस के राज्य सिंहासन पर बैठा। उसके शासनकाल में दिन प्रतिदिन देश का पतन होता चला गया। जिसके कारण लुई पंद्रहवें का शासनकाल अराजकता, अव्यवस्था, अशांति ओर अभावों का युग कहलाता है। उस समय फ्रांस… Read More »

नेपोलियन का उदय, सुधार, युद्ध एवं पतन

1789 ई. में फ्रांस में क्रांति हुई। इस क्रांति ने एक विश्व पुरूष को जन्म दिया जिसे नेपोलियन बोनापार्ट के नाम से जाना जाता है। नेपोलियन ने अपने साहस एवं कार्यों से फ्रांस के प्रधान सेनापति का पद प्राप्त किया। तत्पश्चत् वह डायरेक्ट्री के शासन में चयनित हुआ। तत्पश्चात् नेपोलियन के समर्थित सदस्यों ने डायरेक्ट्री… Read More »

नेपोलियन तृतीय की गृह नीति

लुई नेपोलियन इस युग के यूरोपीय राजनीतिज्ञों में लुई नेपोलियन सबसे अद्भुत था। उसके जीवन चरित्र तथा उसके साम्राज्य की कथा का उन्नसवीं शताब्दी के इतिहास में केन्द्रीय स्थान है। उसका जन्म 1808 में पेरिस में के राजमहल में हुआ था। उसका शैशव बड़े लाड़-प्यार ओर वैभव में बीता, परंतु जब 1815 में फ्रांस में बूर्बो-वंश… Read More »

रूसी क्रांति के कारण, घटनाएं तथा परिणाम

1905 ई. की रूसी क्रांति 1905 की रूसी क्रांति के कारण रूस की 1905 की क्रांति के कारण उसकी राजनीतिक, सामाजिक परिस्थितियों में निहित थे। जापानी युद्ध ने केवल उत्प्रेरक का कार्य किया। युद्ध में पराजय के कारण रूस की जनता का असंतोष इतना बढ़ गया था कि उसने राज्य के विरूद्ध विद्रोह कर दिया। इस… Read More »

पेरिस शांति सम्मेलन का इतिहास

11 नवम्बर, 1918 ई. को प्रथम महायुद्ध की विराम संधि पर मित्र राष्ट्रों के सेनापति मार्शल फॉच एवं जर्मन प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये। प्रथम विश्वयुद्ध में एक ओर अत्यधिक आर्थिक हानि हुई तो दूसरी ओर भारी संख्या में नरसंहार हुआ। इस कारण विश्व के सभी देश शांति स्थापना की ओर अग्रसर हुए। जर्मनी ने अमेरिकी… Read More »

जर्मनी का एकीकरण

फ्रासं की क्रांति द्वारा उत्पन्न नवीन विचारों से जर्मनी प्रभावित हुआ था। नेपोलियन ने अपनी विजयों द्वारा विभिन्न जर्मन-राज्यों को राइर्न -संघ के अंतर्गत संगठित किया, जिससे जर्मन-राज्यों को एक साथ रहने का एहसास हुआ। इससे जर्मनी में एकता की भावना का प्रसार हुआ। यही कारण था कि जर्मन-राज्यों ने वियना-कांगे्रस के समक्ष उन्हें एक… Read More »

रूस का इतिहास (1815 से 1890 ई.)

रूसी लोग मुख्यत: स्लाव हैं। पुरानी रूसी भाषा में उच्चतम श्रेणी के सत्ताधारी स्वतंत्र शासक को जार कहा जाता था। 21 जनवरी 1613 ई. से रूस में रोमोनोव राजवंश का शासन प्रारंभ हुआ। माइकेल रोमोनोव इस वंश का प्रथम जार था। सन 1672 ई. में मास्को की गद्दी पर पीटर महान आरूढ़ हुआ। पीटर ने… Read More »

इटली का एकीकरण

इटली का एकीकरण उन्नीसवीं शताब्दी की महान राजनीतिक परिघटना थी। उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारम्भ में इटली एक प्रतिष्ठित राष्ट्र के रूप में नहीं, वरन् सांस्कृतिक एकता की धरोहर के रूप में विख्यात थी। इटली के एकीकरण को इटालवी भाषा में ‘इल रिसोर जिमेंतो’ कहते है। 19 वीं सदी में इटली में एक राजनैतिक और सामाजिक… Read More »

सामंतवाद क्या था? इसके पतन के कारण

सामंतवाद एक ऐसी मध्ययुगीन प्रशासकीय प्रणाली और सामाजिक व्यवस्था थी, जिसमें स्थानीय शासक उन शक्तियों और अधिकारों का उपयागे करते थे जो सम्राट, राजा अथवा किसी केन्द्रीय शक्ति को प्राप्त होते हैं। सामाजिक दृष्टि से समाज प्रमुखतया दो वर्गों में विभक्त था- सत्ता ओर अधिकारों से युक्त राजा और उसके सामंत तथा अधिकारों से वंचित… Read More »