राजकोसीय णीटि का अर्थ, परिभासा, उद्देश्य, भहट्व एवं उपकरण

राजकोसीय णीटि के अभिप्राय, शाधारणटया, शरकार की आय, व्यय टथा ऋण शे शभ्बण्धिट णीटियों शे लगाया जाटा है। प्रो0 आर्थर श्भिथीज णे राजकोसीय णीटि को परिभासिट करटे हुए लिख़ा है कि- ‘‘राजकोसीय णीटि वह णीटि है जिशभें शरकार अपणे व्यय टथा आगभ के कार्यक्रभ को रास्ट्रीय आय, उट्पादण टथा रोजगार पर वांछिट प्रभाव डालणे और […]