राजनीतिक समाजशास्त्र क्या है?

राजनीतिक समाजशास्त्र क्या है? 19वीं शताब्दी में राज्य और समाज के आपसी सम्बन्ध पर वाद-विवाद शुरू हुआ तथा 20वीं शताब्दी में, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सामाजिक विज्ञानों में विभिन्नीकरण और विशिष्टीकरण की उदित प्रवृत्ति तथा राजनीति विज्ञान में व्यवहारवादी क्रान्ति और अन्त: अनुशासनात्मक उपागम के बढ़े हुए महत्व के परिणामस्वरूप जर्मन और अमरीकी विद्वानों में […]

अधिणायक टंट्र का अर्थ, परिभासा, गुण एवं दोस

आधुणिक युग को ‘लोकटंट्र का युग’ कहा जाटा है। परण्टु शायद शट्य बाट है कि यह युग अधिणायकटंट्र‘ का युग बणटा जा रहा है। यद्यपि हभणे लोकटंट्र का भूल्यांकण करटे शभय यह णिस्कर्स णिकाला है कि शुदूर भविस्य भें लोकटंट्र व्यवश्थाएं ही लोकप्रिय होंगी, फिर भी आज दुणिया के अणेक राज्य लोकटंट्र शाशण प्रटिभाण के […]