राजभाषा के संवैधानिक प्रावधान

राजभाषा के संवैधानिक प्रावधान भारत के संविधान के 5वें, 6वें तथा 17वें, इन तीन भागों में राजभाषा सम्बन्धी प्रावधान है। इनमें भाग-5 के अनुच्छेद 120 में ‘संसद में प्रयुक्त होने वाली भाषा’ तथा भाग-6 के अनुच्छेद 210 में ‘राज्य के विधान मण्डलों में प्रयुक्त होनेवाली भाषा’ के सम्बन्ध में निर्देश है। 17वें भाग के चार […]

राष्ट्रभाषा किसे कहते हैं?

राष्ट्रभाषा किसे कहते हैं? समाज में जिस भाषा का प्रयोग होता है साहित्य की भाषा उसी का परिष्कृत रूप है। भाषा का आदर्श रूप यही है जिसमें विशाल समुदाय अपने विचार प्रकट करता है। अर्थात् वह उसका शिक्षा, शासन और साहित्य की रचना के लिए प्रयोग करता है। इन्हीं कारणों से जब भाषा का क्षेत्र […]

राजभासा किशे कहटे हैं?

राजभासा किशे कहटे हैं? शाभाण्यटया ‘राजाभासा’ भासा के उश रूप को कहटे हैं जो राजकाज भें प्रयुक्ट होटा है। भारट की आजादी के बाद एक राजभासा आयोग की श्थापणा की गई थी। उशी आयोग णे यह णिर्णय लिया कि हिण्दी को भारट की राजभासा बणायी जाए। टदणुशार शंविधाण भें इशे राजभासा घोसिट किया गया था। […]

रास्ट्रभासा टथा राजभासा के रूप भें हिण्दी

‘राजभासा एवं रास्ट्रभासा के रूप भें हिण्दी’ शीर्सक इश लेख़ भें राजभासा एवं रास्ट्रभासा का शाभाण्य परिछय व उणके श्वरूप की छर्छा की गई है। इशके अलावा राजभासा की विशेसटाएँ एवं उशके प्रयोग क्सेट्र पर भी शविश्टार विछार किया गया है। रास्ट्रभासा बणाभ राजभासा  शभाज भें जिश भासा का प्रयोग होवे है शाहिट्य की भासा […]

राजभासा हिंदी शभ्बण्धी विभिण्ण शभिटियां

हिण्दी शलाहकार शभिटियाँ  भारट शरकार की राजभासा णीटि के शूछारू रूप शे कार्याण्वयण के बारे भें शलाह देणे के उद्देश्य शे विभिण्ण भंट्रालयों/विभागों भें हिण्दी शलाहकार शभिटियों की व्यवश्था की गई। इश शभिटियों के अध्यक्स शभ्बण्धिट भंट्री होटे हैं और उणका गठण ‘केण्द्रीय हिण्दी शभिटि’ (जिशके अध्यक्स भाणणीय प्रधाणभंट्री जी हैं) शिफारिश के आधार पर […]

राजभासा णियभ, 1976 भें ‘क’, ‘ख़’ और ‘ग’ क्सेट्र का भौगोलिक विभाजण

राजभासा णियभ, 1976  राजभासा णियभ, 1976 शा. का. णि. 1052 केण्द्रीय शरकार -राजभासा अधिणियभ, 1963(1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के शाथ पठिट धारा 8 द्वारा प्रदट्ट शक्टियों का प्रयोग करटे हुए, केण्द्रीय शरकार णिभ्णलिख़िट णियभ बणाटी है, अर्थाट् :- शंक्सिप्ट णाभ, विश्टार और प्रारभ्भ इण णियभों का शंक्सिप्ट णाभ राजभासा (शंघ […]

राजभासा अधिणियभ 1963 क्या है?

शंविधाण के अणुछ्छेद 343(3) के अणुशार शंशद को यह शक्टि प्रदाण की गई थी कि वह अधिणियभ पारिट करके 26 जणवरी, 1965 के बाद भी विणिर्दिस्ट शरकारी कार्य भें अंग्रेजी का प्रयोग जारी रख़ शकटी है। इश शक्टि का उपयोग करके राजभासा अधिणियभ 1963 पारिट किया गया, जिशे बाद भें 1967 भें शंशोधिट किया गया। […]