Category Archives: राष्ट्रीयता

राष्ट्रीयता की परिभाषा, प्रकार, गुण एवं दोष

वर्तमान युग राष्ट्रीयता का युग माना जाता है। सभी देश अपने निवासियों में राष्ट्रीयता की भावना पर निर्भरत करते हैं, और यह प्रयास करते है कि शिक्षा विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता को प्रफुल्लित करें और उसके विकास में सहायक हो। राष्ट्रीयता देश के सभी नागरिकों में हम और हमारा का दृष्टिकोण उत्पन्न कर देता है और… Read More »

राष्ट्रीयता की परिभाषा एवं स्वरूप

राष्ट्रीयता एक निश्चित, भू-भाग में रहने वाले, जातीयता के बंधन में बंधे, एकता की भावना से युक्त, समान संस्कृति, धर्म, भाषा, साहित्य, कला, परम्परा, रीति-रिवाज, आचार-विचार, अतीत के प्रति गौरव-अगौरव और सुख-दु:ख की समान अनुभूति वाले विशाल जनसमुदाय में पायी जाने वाली एक ऐसी अनुभूति है जो विषयीगत होने के साथ-साथ स्वत: प्रेरित भी है।… Read More »

राष्ट्रीयता में बाधक तत्व

किसी भी राष्ट्र के नागरिकों में राष्ट्रीयता की भावना उस राष्ट्र के लिये प्राण वायु के समान है। क्योंकि राष्ट्र किसी भूमि से नहीं किसी निश्चित भूभाग में रहने वाले एक समान सोच वाले लोगों से बनती है, जिसे सभी लोग मिलकर एक राष्ट्र का नाम देते हैं। परन्तु कुछ निश्चित तत्व राष्ट्रीयता के विकास… Read More »