Category Archives: लेखांकन

बहीखाता का अर्थ एवं परिभाषा

बहीखाता का अर्थ एवं परिभाषा बहीखाते को अंग्रेजी में “बुक-कीपिंग” कहते हैं। वाणिज्य विषय-बुक कीपिगं का आशय हिसाब लिखने की कला से लगता जाता है अर्थात् बुक-कीपिंग से आशय हिसाब-किताब की बहियों में व्यापारिक सौदों को लिखने की कला से है। बहीखते को पुस्तपालन भी कहा जाता हैं। व्यवसाय में अनेकों लेन-देन होते है। क्या… Read More »

लेखांकन क्या है?

बहीखाता के विवेचन से यह स्पष्ट हो जाता है कि व्यापारिक सौदों को निश्चित पुस्तकों में विधिवत् लिखना ही बहीखाता या पुस्तपालन है, किन्तु केवल व्यवहारों को निश्चित पुस्तकों में लिखने से व्यापार के परिणाम तथा उसकी वित्तीय स्थिति का ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। एक निश्चित अवधि के परिणामों को जानने के लिए… Read More »

लेखांकन की अवधारणा

लेखांकन का सैद्धांतिक आधार लेखा पुस्तकों को तैयार करने तथा बनाएँ के लिए कुछ नियम एवं सिद्धांत विकसित किये गय है। इन नियम /सिद्धांत को अवधरणाएँ एवं परिपाटियाँ वर्गो में बाँटा जा सकता है। लेखांकन अभिलेखों को तैयार करने एवं रखने के यह आधार है। इसमें हम विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व को… Read More »

प्रमाप लागत विधि क्या है?

प्रमाप लागत लेखा-विधि का विधिवत् अध्ययन करने से पूर्व यह जान लेना आवश्यक है कि प्रमाप लागत से क्या आशय होता है। सामान्यत: प्रमाप लागत से तात्पर्य उन लागतों से होता है ,जो एक दी गयी परिस्थितियों में एक प्रदत्त उत्पादन की मात्रा पर सामान्य रुप में की जा सकती हों। ब्रउन एवं हावर्ड के… Read More »

मानव संसाधन लेखांकन क्या है ?

मानव संसाधन लेखांकन को एक ऐसी लेखांकन पद्धति के रूप में माना जा सकता है, जिसके प्रयोग से मानव संसाधनों को सम्पत्ति के रूप में मान्यता प्रदान की जाती हो और अन्य भौतिक साधनों की भांति जिनके मूल्य को माप कर लेखा पुस्तकों में दर्ज किया जाता हो। इसके माध्यम से मानव संसाधनों के सम्बन्ध… Read More »

स्फीति लेखा विधि क्या है?

अमरीकन इन्स्टीट्यूट आफ सर्टिफाइड पब्लिक एकाउन्टैन्ट के अनुसार ‘‘स्फीति लेखा-विधि लेखांकन की एक पद्धति है जिसके अन्तर्गत सभी आर्थिक घटनाओं को उनकी चालू लागत पर रिकार्ड किया जाता है।’’ स्फीति लेखा- विधि में चालू लागत का आशय ‘रिपोर्ट देने की तिथि पर प्रचलित लागत’ से होता है। स्फीति लेखाविधि के उद्देश्य  स्फीति लेखा-विधि का प्रमुख उद्देश्य… Read More »

प्रबन्ध लेखांकन क्या है?

शाब्दिक दृष्टिकोण से ‘प्रबन्धकीय लेखांकन’ शब्द से तात्पर्य है, प्रबन्ध के लिए लेखांकन। जब लेखांकन प्रबन्ध की आवश्यकताओं के लिए सभी सूचनाएं प्रदान करने की कला (Art) बन जाती है तो उसे प्रबन्धकी लेखांकन कहते हैं। इन्स्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट्स, इंग्लैंड – “प्रबन्धकीय लेखा-विधि से आशय लेखांकन के किसी भी ऐसे प्रारूप से है जिससे… Read More »