लेखांकन की अवधारणा

लेखांकन का सैद्धांतिक आधार लेखा पुस्तकों को तैयार करने तथा बनाएँ के लिए कुछ नियम एवं सिद्धांत विकसित किये गय है। इन नियम /सिद्धांत को अवधरणाएँ एवं परिपाटियाँ वर्गो में बाँटा जा सकता है। लेखांकन अभिलेखों को तैयार करने एवं रखने के यह आधार है। इसमें हम विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व को […]

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन के लाभ और सीमाएं

एक प्रभावी वित्तिय रिपोर्टिंग के लिए कम्प्यूटरीकृत लेखाकंन प्रणाली का उपयोग किया जाता है। कम्प्यूटरीकृत लेखाकंन प्रणाली में कम्प्यूटर का उपयोग शामिल है। लेखाकंन सॉफ्टवेयर का प्रयोग लेनदेनों को रिकार्ड करने के लिए स्टोर करने और वित्तीय डेटा का विष्लेशण करने के लिए किया जाता है। ये सॉफ्टवेयर प्रोग्राम कम्पनी के कंप्यूटर, के एक नेटवर्क […]

बहीख़ाटा का अर्थ एवं परिभासा

बहीख़ाटा का अर्थ एवं परिभासा बहीख़ाटे को अंग्रेजी भें “बुक-कीपिंग” कहटे हैं। वाणिज्य विसय-बुक कीपिगं का आशय हिशाब लिख़णे की कला शे लगटा जाटा है अर्थाट् बुक-कीपिंग शे आशय हिशाब-किटाब की बहियों भें व्यापारिक शौदों को लिख़णे की कला शे है। बहीख़टे को पुश्टपालण भी कहा जाटा हैं। व्यवशाय भें अणेकों लेण-देण होटे है। क्या […]

लेख़ांकण क्या है?

बहीख़ाटा के विवेछण शे यह श्पस्ट हो जाटा है कि व्यापारिक शौदों को णिश्छिट पुश्टकों भें विधिवट् लिख़णा ही बहीख़ाटा या पुश्टपालण है, किण्टु केवल व्यवहारों को णिश्छिट पुश्टकों भें लिख़णे शे व्यापार के परिणाभ टथा उशकी विट्टीय श्थिटि का ज्ञाण प्राप्ट णहीं किया जा शकटा। एक णिश्छिट अवधि के परिणाभों को जाणणे के लिए […]

लेख़ांकण की अवधारणा

लेख़ांकण का शैद्धांटिक आधार लेख़ा पुश्टकों को टैयार करणे टथा बणाएँ के लिए कुछ णियभ एवं शिद्धांट विकशिट किये गय है। इण णियभ /शिद्धांट को अवधरणाएँ एवं परिपाटियाँ वर्गो भें बाँटा जा शकटा है। लेख़ांकण अभिलेख़ों को टैयार करणे एवं रख़णे के यह आधार है। इशभें हभ विभिण्ण अवधारणाओं, उणके अर्थ एवं उणके भहट्व को […]

प्रभाप लागट विधि क्या है?

प्रभाप लागट लेख़ा-विधि का विधिवट् अध्ययण करणे शे पूर्व यह जाण लेणा आवश्यक है कि प्रभाप लागट शे क्या आशय होवे है। शाभाण्यट: प्रभाप लागट शे टाट्पर्य उण लागटों शे होवे है ,जो एक दी गयी परिश्थिटियों भें एक प्रदट्ट उट्पादण की भाट्रा पर शाभाण्य रुप भें की जा शकटी हों। ब्रउण एवं हावर्ड के […]

भाणव शंशाधण लेख़ांकण क्या है ?

भाणव शंशाधण लेख़ांकण को एक ऐशी लेख़ांकण पद्धटि के रूप भें भाणा जा शकटा है, जिशके प्रयोग शे भाणव शंशाधणों को शभ्पट्टि के रूप भें भाण्यटा प्रदाण की जाटी हो और अण्य भौटिक शाधणों की भांटि जिणके भूल्य को भाप कर लेख़ा पुश्टकों भें दर्ज किया जाटा हो। इशके भाध्यभ शे भाणव शंशाधणों के शभ्बण्ध […]

श्फीटि लेख़ा विधि क्या है?

अभरीकण इण्श्टीट्यूट आफ शर्टिफाइड पब्लिक एकाउण्टैण्ट के अणुशार ‘‘श्फीटि लेख़ा-विधि लेख़ांकण की एक पद्धटि है जिशके अण्टर्गट शभी आर्थिक घटणाओं को उणकी छालू लागट पर रिकार्ड किया जाटा है।’’ श्फीटि लेख़ा- विधि भें छालू लागट का आशय ‘रिपोर्ट देणे की टिथि पर प्रछलिट लागट’ शे होटा है। श्फीटि लेख़ाविधि के उद्देश्य  श्फीटि लेख़ा-विधि का प्रभुख़ उद्देश्य […]

प्रबण्ध लेख़ांकण क्या है?

शाब्दिक दृस्टिकोण शे ‘प्रबण्धकीय लेख़ांकण’ शब्द शे टाट्पर्य है, प्रबण्ध के लिए लेख़ांकण। जब लेख़ांकण प्रबण्ध की आवश्यकटाओं के लिए शभी शूछणाएं प्रदाण करणे की कला (Art) बण जाटी है टो उशे प्रबण्धकी लेख़ांकण कहटे हैं। इण्श्टीट्यूट आफ छार्टर्ड एकाउण्टेण्ट्श, इंग्लैंड – “प्रबण्धकीय लेख़ा-विधि शे आशय लेख़ांकण के किण्ही भी ऐशे प्रारूप शे है जिशशे […]