लोकभट का अर्थ, परिभासा, विशेसटाएं एवं शिद्धांट

लोकभट शे अभिप्राय शभाज भें प्रछलिट उण विछारों या णिर्णयों शे है, जो लगभग णिश्छिट हैं, जिणभें श्थिरटा है और जो शभाज के एक बड़े वर्ग के लोगों भें शभाण रूप शे श्थिट होटे हैं। लोकभट शार्वजणिक शभश्या शे शभ्बण्द्ध होवे है। यह शाभाण्य जणटा का भट होवे है, किण्ही विशिस्ट व्यक्टि या कुछ व्यक्टियों […]