Category Archives: वाक्य

वाक्य की परिभाषा, रूपान्तरण के नियम एवं परिवर्तन के कारण

भाषा का मुख्य कार्य अभिव्यक्ति है। भाव की पूर्ण अभिव्यक्ति वाक्य के माध्यम से होती हैं। वाक्य के अभाव में भाव या विचार की स्थिति संदिग्ध हो जाएगी। वास्तव में भाव मन में अव्यक्त वाक्य के रूप में विद्यमान होते हैं, ध्वनि-प्रतीकों या लिपि-चिह्मों का आधार पाने पर वाक्य का व्यक्त रूप सामने आता है।… Read More »

वाक्य के प्रकार और उदाहरण

वाक्य, भाषा की सबसे छोटी किन्तु सार्थक तथा वास्तविक इकाई होता है। भतरृहरि तो ‘भाषा’ की सबसे छोटी इकाई ‘वाक्य’ को ही मानते हैं। उनसे पूर्व यह बात किसी ने इतने बलपूर्वक नहीं कही थी- ‘‘यदन्त: शब्द तत्त्वं तु नादैरंकं प्रकाशितं। तदाहुरपरेशब्दं तस्य वाक्ये तथेकता।।’’ वस्तुत: वाक्य ही अक्षर, ध्रुव कूटस्थ, अपरिणामी, अक्षय एवं किसी… Read More »