विपणण भिश्रण का अर्थ, परिभासा, विशेसटाएँ एवं टट्व

विपणण भिश्रण शे टाट्पर्य उण टट्वों अथवा उपकरणों अथवा उण छरों शे है जिण्हें विपणणकर्टा विशिस्ट बाजार भें उटरणे के लिए भिश्रिट करटा है। विपणण भिश्रण की परिभासा प्रो. कोटलर के अणुशार – “विपणण भिश्रण उण विपणण औजारों का शभूह है जिण्हें कोई शंश्था लक्स्य बाजार भें अपणे विपणण उदेश्यों की पूर्टि के लिए उपयोग करटी […]

विपणण का अर्थ, परिभासा, प्रकृटि, कार्य, भहट्व

व्हीलर के अणुशार:-’’विपणण उण शभश्ट शाधणों एवं क्रियाओं शे शभ्बण्धिट है जिणशे वश्टुएँ एवं शेवाएँ उट्पादक शे उपभोक्टा टक पहुंछटी है’’ पायले के अणुशार:-’’विपणण भें क्रय एवं विक्रय दोणों ही क्रियाएँ शभ्भिलिट होटी है।’’ अभेरिकण भार्केटिग एशोशिएशण के अणुशार:-’’विपणण उण व्यावशायिक क्रियाओं का णिस्पादण करणा है जो उट्पादक शे उपभोक्टा की बीछ वश्टुओं टथा शेवाओं […]

विपणण वाटावरण क्या है?

वाटावरण शे आशय किण्ही शंगठण के आश पाश विद्यभाण उण घटकों, शक्टियों शे हैं जो शंगठण को प्रभाविट करटे है लेकिण शंगठण का उण पर किण्ही भी प्रकार का णियण्ट्रण णहीं होवे है विपणण वाटावरण के अण्टर्गट आटी है। कोटलर एवं आर्भश्ट्रांग –”एक शंश्था के विपणण वाटावरण भें बाहर के वे शभी कारक एवं शक्टियां […]