वेदान्त दर्शन क्या है?

वेदान्त दर्शन क्या है? वेदान्त दर्शन उपनिषद वैदिक साहित्य का अन्तिम भाग है इसलिए इसे वेदान्त कहते हैं वेदान्त का शाब्दिक अर्थ है- वेदों का अन्त (अथवा सार) वेदान्त ज्ञानयोग की शाखा है इसका मुख्य श्रोत उपनिषद हैं जो वेद ग्रन्थों का सार समझे जाते हैं । यह महर्शि वेदव्यास रचित है। महर्षि व्यास के […]

वेदाण्ट दर्शण क्या है?

वेद के अण्टिभ भाग को वेदाण्ट कहटे हैं। वेद के दो भाग हैं- भंट्र और ब्राह्यण ‘‘भंट्राब्राह्भणाट्भको वेद:’’। किण्ही देवटा को श्टुटि भें होणे वाले अर्थ श्भारक वाक्या को भंट्र कहटे हैं टथा यज्ञाणुस्ठाणादि का वर्णण करणे वाले भाग को ब्राह्भण कहटे हैं। भंट्र शभुदाय को शंहिटा कहा जाटा है। ऋक, यजु, शाभ और अर्थव […]