Category Archives: व्यंग्य

व्यंग्य का अर्थ, परिभाषा तथा उसका स्वरुप

व्यंग्य की उत्पत्ति ‘अज्ज’ धातु में ‘वि’ उपसर्ग व ‘ण्यत’ प्रत्यय लगाने से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है ताना कसना। दूसरे शब्दों में, ‘व्यंग्य एक ऐसी साहित्यिक अभिव्यक्ति अथवा रचना है जिसके द्वारा व्यक्ति अथवा समाज की विसंगतियों और विडबानाओं अथवा उसके किसी पहलू को रोचक तथा हास्यास्पद ढंग से प्रस्तुत किया जाता… Read More »