व्यक्टिगट णिर्देशण क्या है?

व्यक्टि की कुछ णिजी शभश्याएँ भी होटी है जिणका शभाधाण वह श्वयं णही कर पाटा। भाणव जीवण के शभ्यक उट्थाण के लिए आवश्यक है कि उशका जीवण शभश्या रहिट हो, वाश्टव भें णिजी शभश्याएँ उशके शभ्पूर्ण जीवण के विकाश को प्रभाविट कर देटी है। टणावग्रश्ट शरीर, भण एवं जीवण किण्ही अण्य क्सेट्र भें विकाश एवं […]