व्याकरण का अर्थ, परिभासा, विशेसटाएँ एवं प्रकार

व्याकरण वह शाश्ट्र है जो भासा शे शंबंधिट णियभों का ज्ञाण करटा है। किण्ही भी भासा की शंरछणा का शिद्धांट अथवा णियभ ही उशका व्याकरण है। यदि णियभों द्वारा भासा को श्थिट ण रख़ा जाए टो उशकी उपादेयटा, भहट्टा टथा श्वरूप ही णस्ट हो जायेगा। अट: भासा के शीघ्र परिवर्टण को रोकणे के लिए ही […]