Category Archives: शास्त्रीय संगीत

संगीत की परिभाषा, उत्पत्ति एवं विकास

अर्थात् ब्रह्माजी ने जिस संगीत को शोधकर निकाला भरत मुनि ने महादेव जी के सामने जिनका प्रयोग किया तथा जो मुक्तिदायक है वह मार्गीय संगीत कहलाता है।  संगीत का विकास सृष्टि की उत्पत्ति के साथ ही हुआ। ब्रह्मा जी ने शकर को भैरव राग सिखाया तथा शकर जी ने उस भैरव राग को नाना प्रकार… Read More »

लोक संगीत का अर्थ एवं परिभाषा

लोक संगीत का अलोक संगीत शब्द में ‘लोक’ और ‘संगीत’ दो अलग-अलग शब्द हैं। हिन्दी व्याकरण की दृष्टि से लोक संगीत एक समस्त पद है। ‘लोक’ तथा ‘संगीत’ के बीच तत्पुरुष कारक की षष्ठी विभक्ति ‘कर’ के लोप हो जाने से लोक संगीत शब्द समान रूप से व्यवंत होता है। इसलिए लोक संगीत शब्द का… Read More »