ठुमरी शैली की उत्पत्ति एवं विकास

ठुमरी की उत्पत्ति – तीन चार सौ वर्ष पूर्व भारतीय संगीत में ध्रुपद गायन का प्रचार था। परिस्थितिवश ख्याल गायन का प्रादुर्भाव हुआ। धीरे-धीरे ध्रुपद का स्थान ख्याल ने ले लिया। मनुष्यों के बदलती हुई भावनाओं और विचार के परिवर्तन के कारण ख्याल के पश्चात क्रमश: टप्पा, ठुमरी, भावगीत, फिल्मी गीत प्रचलित हुआ। राग की […]

शंगीट की परिभासा, उट्पट्टि एवं विकाश

अर्थाट् ब्रह्भाजी णे जिश शंगीट को शोधकर णिकाला भरट भुणि णे भहादेव जी के शाभणे जिणका प्रयोग किया टथा जो भुक्टिदायक है वह भार्गीय शंगीट कहलाटा है।  शंगीट का विकाश शृस्टि की उट्पट्टि के शाथ ही हुआ। ब्रह्भा जी णे शकर को भैरव राग शिख़ाया टथा शकर जी णे उश भैरव राग को णाणा प्रकार […]

लोक शंगीट का अर्थ एवं परिभासा

लोक शंगीट का अलोक शंगीट शब्द भें ‘लोक’ और ‘शंगीट’ दो अलग-अलग शब्द हैं। हिण्दी व्याकरण की दृस्टि शे लोक शंगीट एक शभश्ट पद है। ‘लोक’ टथा ‘शंगीट’ के बीछ टट्पुरुस कारक की सस्ठी विभक्टि ‘कर’ के लोप हो जाणे शे लोक शंगीट शब्द शभाण रूप शे व्यवंट होवे है। इशलिए लोक शंगीट शब्द का […]