Category Archives: शिक्षा मनोविज्ञान

शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषा, क्षेत्र, विधियां

शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान के सिद्धांतों का शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग है। स्किनर के शब्दों में ‘‘शिक्षा मनोविज्ञान उन खोजों को शैक्षिक परिस्थितियों में प्रयोग करता है जो कि विशेषतया मानव, प्राणियों के अनुभव और व्यवहार से संबंधित है।’’ शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों के योग से बना है – ‘शिक्षा’ और ‘मनोविज्ञान’। अत: इसका शाब्दिक… Read More »

अभिवृद्धि एवं विकास में अंतर

अभिवृद्धि – व्यक्ति के स्वाभाविक विकास को अभिवृद्धि कहते है। गर्भाशय में भ्रूण बनने के पश्चात जन्म होते समय तक उसमें जो प्रगतिशील परिवर्तन होते है वह अभिवृद्धि है। इसके अतिरिक्त जन्मोपरान्त से प्रौढावस्था तक व्यक्ति में स्वाभाविक रूप से होने वाले परिवर्तन, जो अधिगम एवं प्रशिक्षण आदि से प्रभावित नही है, और ऊध्र्ववर्ती है,… Read More »

किशोरावस्था का अर्थ, परिभाषा एवं समस्याएं

किशोरावस्था का अर्थ किशोरावस्था एडोलसेन्स नामक अंग्रेजी शब्द का हिन्दी रूपान्तरणर है। जिसका अर्थ है परिचक्वता की ओर बढ़ना इस समय बच्चे न छोटे बच्चो की श्रेणी में आतें है और न ही बड़े या अपने शब्दो में कहे तो ये छोटे से बडे बनने की प्रक्रिया की समयावधि से गुजरते है। जर्सिल्ड नामक मनोवैज्ञानिक… Read More »

शिक्षा मनोविज्ञान के सम्प्रदाय एवं इतिहास

“मनोविज्ञान का अतीत लम्बा है परन्तु इतिहास छोटा है।” मनोविज्ञान के तथ्यों की जानकारी पौराणिक ग्रीक दर्शनशास्त्र से मिलते है। लेकिन एक स्वतंत्र शाखा के रूप में 1879 ई0 में मनोविज्ञान की स्थापना हुई। 1879 के बाद तथा बीसवी शताब्दी के प्रारम्भिक वर्षो में कई मनोवैज्ञानिकों ने मनोविज्ञान की विषय-वस्तु तथा उसके अध्ययनविधि के बारे… Read More »

शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषा, विषय क्षेत्र, उद्देश्य

शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की एक अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है। शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों के संयोग से बना है- शिक्षा तथा मनोविज्ञान। अत: शिक्षा मनोविज्ञान शब्द का शाब्दिक अर्थ है शिक्षा से सम्बन्धित मनोविज्ञान। शिक्षा का सम्बन्ध मानव व्यवहार के परिमार्जन से होता है, जबकि मनोविज्ञान का सम्बन्ध व्यवहार के अध्ययन से होता है। मानव व्यवहार… Read More »

शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषा, विषय क्षेत्र, उद्देश्य

शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की एक अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है। शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों के संयोग से बना है- शिक्षा तथा मनोविज्ञान। अत: शिक्षा मनोविज्ञान शब्द का शाब्दिक अर्थ है शिक्षा से सम्बन्धित मनोविज्ञान। शिक्षा का सम्बन्ध मानव व्यवहार के परिमार्जन से होता है, जबकि मनोविज्ञान का सम्बन्ध व्यवहार के अध्ययन से होता है। मानव व्यवहार… Read More »

एकल अध्ययन का अर्थ, परिभाषा और उद्धेश्य

एकल (Case) का अर्थ किसी व्यक्ति विशेष से ही नहीं बल्कि ‘एकल’ का अर्थ एक संस्था, राष्टं, धर्म, एक व्यक्ति या समूह भी हो सकता है। इस प्रकार की स्थिति (एकल) को संकेत करती है एकल का अर्थ किसी भी इकाई से होता है- एकल एक निकट अध्ययन (Close study of a Case), एकल गहन… Read More »

अवलोकन का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ

अवलोकन अंग्रेजी के ऑबजरवेशन (Observation) का हिन्दी रूपान्तर है। शाब्दिक दृष्टि से इसका अर्थ है-निरीक्षण, विचार। यह “आब्जर्व” शब्द से बना है जिसका अर्थ ध्यान देना, परीक्षा करना, अनुष्ठान करना आदि। इसका सीधा अर्थ है ऑखों से देखना। पी.वी.यंग के अनुसार- अवलोकन नेत्रों के द्वारा किया गया विचारपूर्वक अध्ययन है, जिसका प्रयोग सामूहिक व्यवहार तथा… Read More »

सीखने का अर्थ एवं सिद्धांत

सीखने का अर्थ सीखना अनुभव व प्रशिक्षण द्वारा व्यिक्त्त के व्यवहार में परिवर्तन है। अनुभव दो प्रकार का हो सकता है, प्रथम प्रकार का अनुभव बालक स्वयं ग्रहण करता है जबकि दूसरे प्रकार का अनुभव, अन्य लोगों के अनुभव से लाभ उठाने की श्रेणी में आता है। प्रशिक्षण के अन्तर्गत औपचारिक शिक्षा आती है। एक… Read More »

नैतिक विकास के सिद्धांत

नैतिकता व्यक्ति के स्वभाव के अनुकूल आचरण है व्यक्ति के निम्न स्वभाव के अंतर्गत वह स्वार्थी, पाशविक एवं वासनात्मक आचरण करता है। दूसरों के सुख-सुविधा हेतु त्याग एवं परोपकार व्यक्ति के उच्च स्वभाव की प्रवृत्तियाँ हैं। जब व्यक्ति अपनी स्वार्थमय प्रवृत्तियाँ से ऊपर उठकर परमार्थ या दूसरों के लिये भी उसी प्रकार के आचरण करता… Read More »