Category Archives: शिक्षा

शिक्षा और विज्ञान

विज्ञान की अवधारणा एवं औचित्य विज्ञान एक चिन्तन की प्रविधि है, नवीन ज्ञान अर्जित करने की विधि है। ‘विज्ञान’ शब्द मे मूंल शब्द ज्ञान और ‘वि’ उपसर्ग है इसका अभिप्राय है विशुद्ध ज्ञान, पूर्णतया जॉचा-परखा ज्ञान, तर्कसंगत ज्ञान। वर्तमान के प्रयोगवादी एवं यथार्थवादी युग में उस ज्ञान को प्रश्रय दिया जाने लगा जो कि वास्तविक… Read More »

शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं कार्य

शिक्षा का अर्थ शिक्षा के लिये प्रयुक्त अँग्रेजी शब्द एजुकेशन (Education) पर विचार करें तो भी उसका यही अर्थ निकलता है। ‘‘एजूकेशन’’ शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा के तीन शब्दों से मानी गयी है। एजुकेटम – इसका अर्थ है- शिक्षण की क्रिया एजुकेयर – शिक्षा देना- ऊपर उठाना, उठाना एजुसियर – आगे बढ़ना सरल शब्दों… Read More »

शिक्षा का अर्थ, परिभाषा एवं महत्व

शिक्षा जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया हैं। व्यक्ति औपचारिक तथा अनौपचारिक साधनों से जीवन भर शिक्षा प्राप्त करता रहता है। वह अपने दैनिक जीवन में अपने वातावरण एवं परिवेश के साथ अन्त: क्रिया करते हुए अनेक अनुभव प्राप्त करता है। इन अनुभवों से जो ज्ञान उसे प्राप्त होता है वही व्यापक अर्थ में शिक्षा है।… Read More »

शिक्षा का समाज पर प्रभाव एवं स्थान

1. शिक्षा व समाज का स्वरूप – शिक्षा का प्रारूप समाज के स्वरूप् को बदल देती है क्योंकि शिक्षा परिवर्तन का साधन है। समाज प्राचीनकाल से आत तक निरन्तर विकसित एवं परिवर्तित होता चला आ रहा है क्येांकि जैसे-जैसे शिक्षा का प्रचार-प्रसार होता गया इसने समाज में व्यक्तियों के प्रस्थिति, दृष्टिकोण , रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाजों… Read More »

माध्यमिक शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य

माध्यमिक शिक्षा भारतवर्ष में माध्यमिक शिक्षा देश की शिक्षा का अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्तर है। यह वह स्तर है जो माध्यमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा के मध्य एक पुल का कार्य करता है व दोनों को जोड़ता है सामान्यत: इस स्तर पर पढ़ने वाले छात्र किशोरावस्था के होते हैं। इसलिए इस अवस्था का महत्व और… Read More »

स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, महत्व, एवं सिद्धांत

स्वास्थ्य शिक्षा वह अभियान है जो जन-साधारण को ऐसे ज्ञान व आदतों के सीखने में सहायता प्रदान करता है जिससे वे स्वस्थ रह सकें। स्वास्थ्य शिक्षा से, जन-साधारण जीवन की बदलती हुई अवस्थाओं में स्वस्थ रहकर समस्याओं का धैर्य से सामना करना सीखता है। कोई भी कार्य जो जन-साधारण को स्वास्थ्य के विषय में नया… Read More »

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की विशेषताएं

संयुक्त राष्ट्र संध ने शिक्षा के अधिकार को ‘मानवाधिकार’ की मान्यता प्रदान की है। शिक्षा के अधिकार को मानवाविधार के सार्वभौमिक घोशणापत्र (Universal Declaration of Human Rights) के अनुच्छेद 26 में, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों पर अन्तराष्ट्रीय प्रसंविदा की धारा 14 में स्थान दिया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के यूनेस्को एवं अन्य अंग शिक्षा… Read More »

प्राथमिक शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, महत्व, उद्देश्य

प्राथमिक शब्द का सामान्य अर्थ है – प्रारम्भिक, मुख्य तथा आधारभूत। इस प्रकार प्राथमिक शिक्षा से तात्पर्य – प्रारम्भिक अथवा आधारभूत शिक्षा से है। प्रारम्भिक स्तर पर सम्पन्न होने के कारण प्राथमिक शिक्षा सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था का आधार है। प्राथमिक शिक्षा का महत्व प्राथमिक शिक्षा सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला है। यह वह प्रकाश है… Read More »

समाज का शिक्षा पर प्रभाव

समाज का शिक्षा पर प्रभाव – शिक्षा पर समाज के प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता है, क्योंकि समाज शिक्षा की व्यवस्था करता है। इस प्रभाव को जा सकता है- समाज का शिक्षा पर प्रभाव 1. समाज के स्वरूप का प्रभाव –  समाज के स्वरूप का शिक्षा की पकृति पर प्रभाव पड़ता है, जैसा समाज… Read More »

भारत में शिक्षा के प्रकार एवं स्तर

शिक्षा शब्द संस्कृत के शिक्ष् धातु में अ प्रत्यय लगने से बना हैं। जिसका अर्थ होवे हैं- सीखना या सिखाना। जो भी कार्य व्यक्ति को नवीन अनुभव एवं नवीन ज्ञान प्रदान करता हैं वह शिक्षा हैं। शिक्षा को केवल विद्यालय में ही प्राप्त नहीं किया जा सकता अपितु शिक्षा हर एक वो इंसान जो हमें… Read More »