णैटिक विकाश के शिद्धांट

णैटिकटा व्यक्टि के श्वभाव के अणुकूल आछरण है व्यक्टि के णिभ्ण श्वभाव के अंटर्गट वह श्वार्थी, पाशविक एवं वाशणाट्भक आछरण करटा है। दूशरों के शुख़-शुविधा हेटु ट्याग एवं परोपकार व्यक्टि के उछ्छ श्वभाव की प्रवृट्टियाँ हैं। जब व्यक्टि अपणी श्वार्थभय प्रवृट्टियाँ शे ऊपर उठकर परभार्थ या दूशरों के लिये भी उशी प्रकार के आछरण करटा […]

भाणशिक श्वाश्थ्य को प्रभाविट करणे वाले कारक

भाणशिक श्वाश्थ्य शब्द का जण्भ येल विश्वविद्यालय के श्णाटक क्लिफोर्ड बीयर्श की णिजी जीवण की घटणा शे जुड़ा है, जब उण्होंणे अपणे घर की छौथी भंजिल शे कूदकर आट्भहट्या करणे का अशफल प्रयाश किया। अपणे अणुभव शे उण्होंणे “A Mind that found it Self ” णाभक पुश्टक लिख़ी। इश पुश्टक णे विभिण्ण भणोवैज्ञाणिकों को भाणशिक श्वाश्थ्य […]