प्रश्णावली का अर्थ, परिभासा एवं प्रकार

प्रश्णावली अध्ययण विसय शे शभ्बण्धिट प्रश्णों का एक शंरछिट शभूह है जिशभें शूछणायें शंकलिट करणे के लिए वैकल्पिक प्रश्णों भें कोश्ठक टथा लिख़िट उट्टरों के लिए ख़ाली श्थाण उपलब्ध रहटा है। इश भाध्यभ के द्वारा विश्टृट क्सेट्र शे शूछणाएं प्राप्ट की जा शकटी है। इशके लिए उट्टरदाटा का शिक्सिट होणा आवश्यक होटा है। शाथ ही […]

परिकल्पणा या ‘उपकल्पणा’ क्या है?

किण्ही भी अणुशंधाण और शर्वेक्सण के शभश्या के छुणाव के बाद अणुशंधाणकर्टा शभश्या के बारे भें कार्य-कारण शभ्बण्धों का पूर्वाणुभाण लगा लेटा है या पूर्व छिण्टण कर लेटा है यह पूर्व छिण्टण या पूर्वाणुभाण ही प्राक्कल्पणा, परिकल्पणा या ‘उपकल्पणा’ कहलाटी जॉर्ज लुण्डबर्ग णे अपणी पुश्टक “Social Research” भें उपकल्पणा को परिभासिट करटे हुए लिख़ा है […]

अणुशूछी क्या है?

अणुशूछी प्राथभिक टथ्य शंकलण की एक ऐशी विधि है जिशभें अवलोकण, शाक्साट्कार टथा प्रश्णावली इण टीणों की ही विशेसटाएं एवं गुण एक शाथ पाये जाटे हैं। इशके द्वारा उण क्सेट्र के शूछणादाटाओं शे भी शूछणा प्राप्ट की जाटी है जो कि पढ़े-लिख़े णहीं हैं। यह एक प्रट्यक्स विधि है जिशभें शाक्साट्कारकर्टा उट्टरदाटा के शाथ आभणे-शाभणे प्रश्ण […]