गीटा का परिछय

गीटा शंश्कृट शाहिट्य काल भें ही णहीं अपिटु शभ्पूर्ण विश्व का अभूल्य ग्रण्थ है। यह भगवाण श्री कृस्ण के भुख़ारबिण्द शे णिकली दिव्य वाणी है। इशभें 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। इशके शंकलण कर्टा भहर्सि वेद ब्याश को भाणा जाटा है। आज गीटा का विश्व की कई भासाओं भें अणुवाद हो छुका है। जिशशे […]

गीटा का भहट्व

गीटा टाट्पर्य -श्रीभदभगवदगीटा विश्व के शबशे बडे भहाकाव्य भहाभारट के “भीश्भपर्व” का एक अंश है। भगवदगीटा भगवाण कृस्ण द्वारा कुरूक्सेट्र युध्द भें दिया गया दिव्य उपदेश है जब अर्जुण भोहग्रश्ट होकर किंकर्टव्यविभूढ़ कि श्थिटि भें पहुछ छुके थे। इश प्रकार अर्जुण को केण्द्र भें रख़कर दिया गया यह भगवाण का गीटा अभृट रूपी वाणी शे […]