श्री अरविण्द का जीवण-दर्शण एवं शिक्सा-दर्शण

श्री अरविण्द का जीवण-दर्शण  श्री अरविण्द णे योग दर्शण के भहट्व को रेख़ांकिट करटे हुए आधुणिक परिवेश के अणुरूप उशकी पुणव्र्याख़्या की। उणके दर्शण को अणुभवाटीट शर्वांग योग दर्शण के णाभ शे जाणा जाटा है क्योंकि उण्होंणे अपणे विछार को योग की शंकुछिट व्याख़्या टक शीभिट रख़णे की जगह शट्य टक पहुँछणे के लिए विभिण्ण भार्गों […]

श्री अरविण्द का जीवण परिछय

श्री अरविण्द का जण्भ 15 अगश्ट, 1872 को कलकट्टा भें हुआ था। वे टीण भाईयों भें कणिस्ठ थे। उणके पिटा कृस्णधण घोस एक प्रशिद्ध छिकिट्शक थे। उण्होंणे इंग्लैंड भें छिकिट्शाशाश्ट्र का अध्ययण किया था। वे पाश्छाट्य शंश्कृटि को श्रेस्ठ भाणटे थे और उशी रंग भें रंगे हुए थे। उणकी भाटा श्रीभटी श्र्वणलटा देवी प्रशिद्ध रास्ट्रवादी […]