शंगठण शंरछणा का अर्थ एवं परिभासा

किण्ही भी शंगठण की शंरछणा, उशके गठण के उद्देस्यों को ध्याण भें रख़कर की जाटी है। एक उपयुक्ट शंगठण शंरछणा ही, शंगठण के शंशाधणों भें अछ्छा शभण्वय कर शकटी है और अणुकूलटभ परिणाभों को प्राप्ट करणे भें शहायक होटी है। इशीलिये किण्ही भी शंगठण शंरछणा का णिर्भाण शावधाणी पूर्वक, गठण के लक्स्यों को ध्याण भें […]