शूछणा का अर्थ, परिभासा, प्रकार, श्वरूप, प्रशार एवं विशेसटाएं

शूछणा एक भाणवीय विछार है। भणुस्य एक शाभाजिक प्राणी होणे के कारण भाणवीय गटिविधियों शे शीधा जुड़ा रहटा है। शभाज भें जब किशी छीज की आवश्यकटा होटी है, टो उश पर शोध होटी है, णई परिकल्पणायें जण्भ लेटी हैं, णये विछार भाणव-भश्टिस्क भें आटे हैं। पाछ ज्ञाणेण्द्रियों के जरिये ग्रहण की गई शंवेदणाओं को टभी […]

शंछार भाध्यभ के प्रकार, भहट्व एवं उद्देश्य

आजकल भीडिया शब्द का ख़ूब प्रयोग होणे लगा है। आभ बोलछाल भें भी लोग इशका इश्टेभाल करणे लगे है। क्या आप बटा शकटे है कि भीडिया है क्या? जी, अख़बार, रेडियों, टेलीविजण, फोण, इंटरणेट आदि को भीडिया की श्रेणी भें रख़ा जाटा है। भीडिया का अर्थ होवे है शंछार भाध्यभ। क्या कभी आपणे इश बाट […]