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संवेगात्मक बुद्धि का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ एवं आयाम

‘संवेगात्मक बुद्धि’ प्रथम बार 1964 में मिकेल बेलकोक के व 1966 में बी. लूनर के शोध पत्र दिखायी दिया। 1983 में, हवर्ड गार्डनर ने बहुस्तरीय बुद्धि की अवधारण प्रस्तुत किया और कहा कि बुद्धि लब्धि संज्ञानात्मक योग्यता को पूरी तरह व्यक्त करने में सफल नहीं है। जबकि बहुस्तरीय बुद्धि जिसमें अंत:वैयक्तिक बुद्धि एवं अन्तरा अंतरावैयक्तिक… Read More »