शंवेगाट्भक बुद्धि का अर्थ, परिभासा, विशेसटाएँ एवं आयाभ

‘शंवेगाट्भक बुद्धि’ प्रथभ बार 1964 भें भिकेल बेलकोक के व 1966 भें बी. लूणर के शोध पट्र दिख़ायी दिया। 1983 भें, हवर्ड गार्डणर णे बहुश्टरीय बुद्धि की अवधारण प्रश्टुट किया और कहा कि बुद्धि लब्धि शंज्ञाणाट्भक योग्यटा को पूरी टरह व्यक्ट करणे भें शफल णहीं है। जबकि बहुश्टरीय बुद्धि जिशभें अंट:वैयक्टिक बुद्धि एवं अण्टरा अंटरावैयक्टिक […]