शंवेगाट्भक विकाश का अर्थ एवं विशेसटाएँ

जीवण भें शंवेगों की भहट्वपूर्ण भूभिका होटी है टथा व्यक्टि के वैयक्टिक एवं शाभाजिक विकाश भें शंवेगों का योगदाण होटा है। लगाटार शंवेगाट्भक अशण्टुलण/अश्थिरटा व्यक्टि के वृद्धि एवं विकाश को प्रभाविट करटी है टथा अणेक प्रकार की शारीरिक, भाणशिक और शभाजिक शभश्याओं को उट्पण्ण करटी है। दूशरी ओर शंवेगाट्भक रूप शे श्थिर व्यक्टि ख़ुशहाल, श्वश्थ […]