Category Archives: संस्कृत साहित्य

वेदों का महत्व

वैदिक लोगों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे थे । पशु-चारण व्यवस्था धीरे-धीरे कृषि अर्थव्यवस्था द्वारा विस्थापित होती जा रही थी, जो नियमित खेती और शिल्प तथा व्यापार के विकास पर आधारित थी । जनजातियों का बटवारा हुआ और वस्तुत: हमें एक सम्पूर्ण वर्ण-व्यवस्था देखने को मिलती है । इस समय… Read More »

योगवशिष्ठ में योग का स्वरूप

योगवशिष्ठ में योग का स्वरूप  योग वशिष्ठ योग का एक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। अन्य योग ग्रन्थों की भाँति योग वशिष्ठ में भी योग के विभिन्न स्वरूप जैसे- चित्तवृत्ति, यम-स्वरूप, नियम-स्वरूप, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, ध्यान, समाधि, मोक्ष आदि का वर्णन वृहद् रूप में किया गया है। योग वशिष्ठ के निर्वाण-प्रकरण में वशिष्ठ मुनि श्री राम जी… Read More »