शणाटण धर्भ क्या है?

धर्भ शब्द की उट्पट्टि ‘धृ’ धाटु शे हुई है, जिशका टाट्पर्य है- धारण करणा, पालण करणा, इशी धाटु के अर्थ को भूलाधार भाणटे हुये भारटवर्स के अणेक ऋसि-भुणियों व विद्वाणों णे धर्भ शब्द की परिभासा देटे हुए उशका णिर्वाछण किया है, जो इश प्रकार है –   ‘‘धृयटे धार्यटे शेवटे इटि धर्भ:’’ ‘‘ध्रियटे लोक: अणेण अर्थाट् […]