Category Archives: समष्टि अर्थशास्त्र

समष्टि अर्थशास्त्र क्या है?

सन् 1929-30 की विश्वव्यापी आर्थिक मंदी की स्थिति और प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों के पूर्ण रोजगार के सिद्धान्त की असफलता के कारण प्रो जे एम. कीन्स ने ‘सामान्य सिद्धान्त’ की रचना की थी। प्रो. कीन्स के अनुसार– “राष्ट्रीय तथा विश्वव्यापी आर्थिक समस्याओं का अध्ययन समष्टि अर्थशास्त्र के अंतर्गत किया जाना चाहिए।” इस प्रकार समष्टि अर्थशास्त्र में अर्थव्यवस्था का… Read More »

व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र में अंतर

व्यष्टि अर्थशास्त्र तथा समष्टि अर्थशास्त्र आर्थिक समस्याओं तथा विश्लेषण के दो मार्ग हैं। पहले का संबंध व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों के अध्ययन से है, जबकि दूसरे का समस्त अर्थव्यवस्था के अध्ययन से। रेगनर प्रिफश (Ragner Frisch) पहला व्यक्ति था जिसने 1933 में अर्थशास्त्र में व्यष्टि तथा समष्टि शब्दों का प्रयोग किया था। व्यक्तियों और व्यक्तियों के… Read More »