Category Archives: सर्वोदय

सर्वोदय की अवधारणा एवं विशेषताएं

महात्मा गांधी जान रस्किन की प्रसिद्व पुस्तक ‘‘अन टू दा लास्ट’’ से बहुत अधिक प्रभावित थे। गांधी जी के द्वारा रस्किन की इस पुस्तक का गुजराती भाशा में सर्वोदय “रीशक से अनुवाद किया गया। इस में तीन आधारभूत तथ्य थे-  सबके हित में ही व्यक्ति का हित निहित है।  एक नाई का कार्य भी वकील… Read More »