Category Archives: सविनय अवज्ञा आन्दोलन

सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारण, महत्व एवं प्रभाव

1929 ई. में लाहौर के काँग्रेस अधिवेशन में काँग्रेस कार्यकारणी ने गाँधीजी को यह अधिकार दिया कि वह सविनय अवज्ञा आंदोलन आरंभ करें। तद्नुसार 1930 में साबरमती आश्रम में कांग्रेस कार्यकारणी की बैठक हुई। इसमें एक बार पुन: यह सुनिश्चित किया गया कि गाँधीजी जब चाहें जैसे चाहें सविनय अवज्ञा आंदोलन आरंभ करें। सविनय अवज्ञा… Read More »

प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय कब हुआ

सविनय अवज्ञा आन्दोलन की तीव्रता को देखकर ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की कि भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं ब्रिटिश राजनीतिज्ञों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया जाएगा। इसमें साइमन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर भारत की राजनीतिक समस्या पर विचार-विमर्श होगा। प्रथम गोलमेज सम्मेलन (12 नवम्बर 1930-19 जनवरी 1931) प्रधानमंत्री रैम्जे मैक्डोनाल्ड… Read More »