Category Archives: सांख्य दर्शन

सांख्य दर्शन क्या है?

भगवान् महामुनि कपिल द्वारा विरचित सांख्य-दर्शन सम्भवत: भारत का प्राचीनतम दर्शन है। श्रुति, स्मृति, रामायण, महाभारत आदि पुरातन कृतियों में सांख्य-योग के विचारों के अनेकों उदाहरण मिलते हैं। यथा-’’तत्कारण सांख्ययोगाधिगम्यम्’’ अथवा ‘‘नास्ति सांख्यसमं ज्ञान् नास्तियोगसमं बलम्’’ अथवा ‘‘शुद्धात्मतत्वविज्ञानं सांख्यमित्यभिधीयते’’ इसके अतिरिक्त भी कुछ अन्य उदाहरण हैं। जो इसकी प्राचीनता के परिचायक हैं तथा इस दर्शन… Read More »