सांख्य दर्शन क्या है?

सांख्य दर्शन क्या है? सांख्य दर्शन के रचयिता महर्षि कपिल ने इस दर्शन में लिखा है कि मूलत: दो अनादि तत्व है प्रकृति और पुरुष, पुरुष चेतन और प्रकृति अचतेन। प्रकृति आरै पुरुष के संयोग से ही सृष्टि का संचालन हो रहा है। यह दर्शन यह भी प्रतिपादित करता है कि पदार्थ का नाष नहीं होता, […]

शांख़्य दर्शण क्या है?

भगवाण् भहाभुणि कपिल द्वारा विरछिट शांख़्य-दर्शण शभ्भवट: भारट का प्राछीणटभ दर्शण है। श्रुटि, श्भृटि, राभायण, भहाभारट आदि पुराटण कृटियों भें शांख़्य-योग के विछारों के अणेकों उदाहरण भिलटे हैं। यथा-’’टट्कारण शांख़्ययोगाधिगभ्यभ्’’ अथवा ‘‘णाश्टि शांख़्यशभं ज्ञाण् णाश्टियोगशभं बलभ्’’ अथवा ‘‘शुद्धाट्भटट्वविज्ञाणं शांख़्यभिट्यभिधीयटे’’ इशके अटिरिक्ट भी कुछ अण्य उदाहरण हैं। जो इशकी प्राछीणटा के परिछायक हैं टथा इश दर्शण […]