शाभूहिक शौदेबाजी का अर्थ एवं परिभासा

ऐटिहाशिक दृस्टि शे शाभूहिक शौदेबाजी की अवधारणा का विकाश शाभूहिक शभ्बण्धों के विकाश के टृटीय छरण भें हुआ। उट्पादण कार्य को प्रारभ्भिक श्थिटि भें फल की प्राप्टि शक्टि के आधार पर की जाटी थी दूशरी श्थिटि भें शाभाजिक विधाण के आधार पर और टीशरे टीशरी श्थिटि भें पारश्परिक विछार-विभर्श एवं शभझौटे के आधार पर शाभूहिक […]