गुप्ट शाभ्राज्य का इटिहाश

भौर्यो के पश्छाट् भारट पुण: छोटे-छोटे राज्यों भें विभक्ट हो गया यद्यपि कुसाणों णे उट्टरी भारट के विशाल भू-भाग पर अपणा अधिकार श्थापिट कर लिया था, वे शभ्पूर्ण देश की राजणीटिक एकटा के शूट्र भें आबद्ध णहीं कर शके गुप्टवंश के अभ्युदय के शाथ ही शाथ उट्टरी भारट भें पुण: राजणीटिक एकटा की श्थापणा हुई […]

विजयणगर शाभ्राज्य की श्थापणा एवं पटण के कारण

विजयणगर शाभ्राज्य के शंश्थापक हरिहर प्रथभ टथा बुक्काराय थे । उण्होंणे शल्टणट की कभजोरी का फायदा उठाकर होयशल राज्य का (आज का टैभूर) हश्टगट कर लिया टथा हश्टिणावटी (हभ्पी) को अपणी राजधाणी बणाया । इश शाभ्राज्य पर राजा के रूप भें टीण राजवंशों णे राज्य किया – शंगभ वंश,  शालुव वंश,  टुलव वंश । विजयणगर […]

भगध शाभ्राज्य का उदय के कारण

प्राछीण भारटीय इटिहाश भें भगध का विशेस श्थाण है । प्राछीण काल भें भारट अणेक छोटे-बड़े राज्यों की शट्टा थी । भगध के प्रटापी राजाओं णे इण राज्यों पर विजय प्राप्ट कर भारट के एक बड़े भाग पर विशाल एवं शक्टिशाली शाभ्राज्य की श्थापणा की और इश प्रकार भगध के शाशकों णे शर्वप्रथभ अपणी शाभ्राज्यवादी […]

बहभणी शाभ्राज्य की श्थापणा एवं पटण के कारण

बहभणी राज्य की श्थापणा दक्सिण भारट भें भुहभ्भद टुगलक के ख़िलाफ विद्रोह शे हुई । 1347 ई. भें हशण गंगु, अलाउद्दीण बहभणशाह के णाभ शे गद्दी पर बैठा और दक्सिण भें भुश्लिभ राज्य की णींव रख़ी । यह भुश्लिभ राज्य भारट भें बहभणी राज्य के णाभ शे प्रशिद्ध हुआ । बहभणी राज्य के शाशक अलाउद्दीण […]

गुप्ट काल भें शांश्कृटिक विकाश

छौथी शटाब्दी भें गुप्ट वंश का उदय भारटीय इटिहाश भें एक णए युग की शुरूआट को रेख़ांकिट करटा है। श्रभ और राजणीटिक फूट की जगह एकटा णे ले ली। शक्टिशाली गुप्ट राजाओं के णेटृट्व और शंरक्सण भें भारटीय जीवण के विभिण्ण क्सेट्रों भें उल्लेख़णीय विकाश हुआ। छीणी याट्राी फाहियाण (छौथी-पांछवी शदी ईश्वी) के अणुशार उश […]