Category Archives: सार्वजनिक ऋण

सार्वजनिक ऋण क्या है?

सरकार जब सार्वजनिक व्यय सम्बन्धी आवश्यकता की पूर्ति करारोपण के द्वारा नहीं कर पाती है। (क्योंकि लोगों में एक निश्चित सीमा के बाद करारोपण की ऊँची दर असन्तोष को जन्म देगी तथा कार्य प्रेरणा को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगी) तथा घाटे की वित्त व्यवस्था का भी सहारा नहीं ले पाती है (क्योंकि उसे ‘सुरक्षित… Read More »

सार्वजनिक ऋण के उद्देश्य एवं वर्गीकरण

सार्वजनिक ऋण, राज्य द्वारा आय प्राप्त करने का एक साधन है। लोक अथवा सार्वजनिक ऋण उस ऋण को कहते हैं जिसे कि राज्य (state) अपनी प्रजा से अथवा अन्य देशों के नागरिकों से लेता है। सरकार जब उधार लेती है तो उससे लोक ऋण का जन्म होता है। सरकार बैंकों, व्यावसायिक संगठनों, व्यवसाय गृहों तथा… Read More »