Category Archives: स्वामी दयानंद सरस्वती

स्वामी दयानंद सरस्वती का शिक्षा दर्शन

स्वामी दयानंद सरस्वती शिक्षा को एक प्रक्रिया मानते हैं। उनके अनुसार यह प्रक्रिया गर्भावस्था से प्रारम्भ होती है और जीवन-पर्यन्त चलती रहती है। उन्होंने शिक्षा को आन्तरिक शुद्धि के रूप में माना है। यह शुद्धि आचरण, विचार तथा कर्म में प्रदर्शित होती है। एक स्थान पर स्वामी जी ने शिक्षा के अर्थ को स्पष्ट करते… Read More »

स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन परिचय

स्वामी दयानन्द सरस्वती के बचपन का नाम मूलशंकर था। उनका जन्म सन् 1824 में गुजरात प्रांत के काठियावाड़ सम्भाग में मोरवी राज्य (अब जिला राजकोट) के एक छोटे-से गाँव टंकारा के एक समृद्ध सनातनी परिवार में हुआ था। पिता का नाम करसन लाल जी तिवारी था। वे शैवमत के कट्टर अनुयायी थे। बालक मूलशंकर कभी… Read More »