Category Archives: स्वास्थ्य

पोषण के प्रकार

पोषण अर्थात Nutration हमारे द्वारा सेवित किये गये आहार द्रव्यों तथा शरीर द्वाराउसके किये गये आवश्यकतानुसार उपयोग की वैज्ञानिक अध्ययन की प्रक्रियाओं को पोषण कहते है। पोषण के अन्तर्गत संतुलित आहार, पोषक तत्त्व, भोजन के कार्य भोजन के पाचनोपरान्त शरीर में उपयोग, भोजन एवं रोगेां का परस्पर संबंध आहार द्रव्यों का आर्थिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक… Read More »

स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, महत्व, एवं सिद्धांत

स्वास्थ्य शिक्षा वह अभियान है जो जन-साधारण को ऐसे ज्ञान व आदतों के सीखने में सहायता प्रदान करता है जिससे वे स्वस्थ रह सकें। स्वास्थ्य शिक्षा से, जन-साधारण जीवन की बदलती हुई अवस्थाओं में स्वस्थ रहकर समस्याओं का धैर्य से सामना करना सीखता है। कोई भी कार्य जो जन-साधारण को स्वास्थ्य के विषय में नया… Read More »

वर्ज्य पदार्थ क्या है?

हमारे समाज में कुछ ऐसे पदार्थो का प्रचलन है। जो कि व्यक्ति के स्वस्थ के लिए अत्यधिक हानिकारक होते है। इन्हें वर्ज्य पदार्थ या निषिद्ध भोज्य पदार्थ कहते है। जैसे-मदिरा, धूम्रपान, तम्बाकू, अफीम, चरस आदि। मदिरा ये गेहूँ, जौ, चावल, अंगूर आदि के सड़ने के उपरान्त बनायी जाती है। इसमें हानीकारक पदार्थ एल्कोहल पाया जाता… Read More »

स्वास्थ्य की अवधारणा एवं परिभाषाएँ

स्वास्थ्य की अवधारणा स्वास्थ्य जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग है। इसकी अवधारणा को समझने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी अवधारणाओं को समझना होगा, क्योंकि सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इसे न केवल अलग-अलग रूप से परिभाषित किया गया है बल्कि उन क्षेत्रों में इसके सिद्धान्त भी अलग-अलग हैं। वर्तमान वैज्ञानिक युग… Read More »

उपचारात्मक पोषण क्या है?

उपचारात्मक पोषण आहार का बीमारी से बहुत महत्वपूर्ण संबंध होता है। रोग, रोग की गम्भीरता, रोगी के पोषण स्तर के अनुसार आहार को सुधारा जा सकता है। अत: एक साधारण, स्वस्थ्य व्यक्ति द्वारा लिये जाने वाले आहार में कुछ विशेष बदलाव लाकर उसे रोग की आवश्यकतानुसार सुधारा जा सकता है। आहार में बदलाव या सुधार… Read More »

उपचारात्मक आहार क्या है?

वह आहार जो रूग्णावस्था में किसी व्यक्ति को दिया जाता है। ताकि वह जल्दी सामान्य हो सके यह सामान्य भोजन का संशोधित रूप होता है। उपचारात्मक आहार कहलाता है। क्योंकि बीमार पड़ने पर व्यक्ति के शरीर को कोई भाग रोग ग्रसित हो जाता है। जिससे उसकी पोषण आवश्यकता में परिवर्तन आ जाता है। जैसे मधुमेह… Read More »

प्रोटीन के कार्य एवं प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग

प्रोटीन नाम सर्वप्रथम सन् 1938 में वैज्ञानिक मुल्डर (Mulder) द्वारा प्रस्तावित किया गया। इस शब्द का उद्गम ग्रीक भाषा के ‘‘प्रोटियोस’’ (Proteose) शब्द से हुआ जिसका आशय है ‘पहले आने वाला’ (To come first)। यह नाम इसलिए प्रस्तावित हुआ क्योंकि उस समय भी यह तत्व जीवन के लिए सबसे प्रमुख तत्व माना जाता था। मानव… Read More »

औद्योगिक स्वास्थ्य क्या है?

औद्योगिक कर्मचारियों की चिकित्सकीय देखरेख व स्वास्थ्य सुविधायें, प्रत्येक देश में श्रम कल्याण का एक समग्र भाग है। यह केवल बीमारियों से सुरक्षा ही नही करता बल्कि कार्मिकों को शारीरिक रूप से दक्षता प्रदान कर आर्थिक विकास के लिए उत्तरदायी होता है।  ‘स्वास्थ्य’ शब्द एक सकारात्मक एवं उतिक अवधारणा है जो बीमारी की अनुपस्थिति को… Read More »