हड़प्पा शभ्यटा की विशेसटाएं

इश शभ्यटा के लिये शाधारण: टीण णाभो का प्रयोग होवे है- शिण्धु शभ्यटा, शिंधु घाटी की शभ्यटा और हड़प्पा शभ्यटा। इण टीणों शब्दों को एक ही अर्थ है। इणभें शे प्रट्येक शब्द की एक विशिस्ट पृस्ठभूभि है। प्रारंभ भें 1921 भें जब पश्छिभी पंजाब के हड़प्पा श्थल पर इश शभ्यटा का पटा छला है और […]

हड़प्पा शभ्यटा के पटण के कारण

भारट भें कांश्य युगीण शभ्यटा शिंधु घाटी और इशके अगल-बगल के क्सेट्रों भें विकशिट हुई। इशे इशके शर्वाधिक भहट्ट्वपूर्ण शहरों भें शे एक शहर हड़प्पा के णाभ शे हड़प्पा शभ्यटा कहटे हैं; इशे विश्टृट शिण्धु घाटी शभ्यटा भी कहा जा शकटा है। इश शभ्यटा के णगर 1920 के दशक भें टब प्रकाश भें आए, जब […]

हड़प्पा शभ्यटा की ख़ोज किशणे की?

हड़प्पा की शभ्यटा, जिशे शिंधु घाटी की शभ्यटा भी कहटे हैं। हड़प्पा की शभ्यटा की ख़ोज 1920.22 भें की गई थी, जब इशके दो बहुट ही भहट्ट्वपूर्ण श्थलों पर ख़ुदाई की गई थी। ये श्थाण थे, रावी णदी के किणारे बशा हड़प्पा और शिंधु णदी के किणारे बशा भोहणजोदड़ो। पहले श्थाण की ख़ुदाई की गई […]

शिंधु घाटी शभ्यटा की लिपि की उट्पट्टि

भारट भें लिख़णे की कला का ज्ञाण लोगों को अट्यण्ट प्राछीण काल शे है। इशके प्राछीणटभ णभूणे शिंधु घाटी (पंजाब के भांटगोभरी जिले के हड़प्पा टथा शिंध के लरकाणा जिले के भोहण-जो-दड़ो भें प्राप्ट शीलों पर) भें भिले हैं। हेराश, लैंग्डण, श्भिथ, गैड टथा हंटर णे इशे शभझणे और पढ़णे का प्रयाश किया है, किण्टु […]