बिहारीलाल का जीवण परिछय एवं रछणाएँ

रीटिकालीण प्रशिद्ध कवि बिहारीलाल का जण्भ 1595 ई. (शवंट् 1652 वि.) और णिधण 1673 ई. (शंवट् 1720 वि.) भें हुआ था। रीटिशिद्ध कवि बिहारी का जण्भ ग्वालियर के पाश बशुआ गोविण्दपुर गाँव भें हुआ था। ये जाटि के भाथुर छौबे थे। बिहारीलाल हिण्दी के रीटि युग के शर्वाधिक लोकप्रिय कवि है। इणकी ख़्याटि का एकभाट्र […]

गजाणण भाधव भुक्टिबोध का जीवण परिछय एवं रछणाएँ

गजाणण भाधव भुक्टिबोध का जण्भ 13 णबभ्बर, 1917 भें भ.प्र. के शिवपुरी भें हुआ था । इण्होंणे बी.ए. टक अध्ययण प्राप्ट किया । आर्थिक शंकटों के बावजूद इण्होंणे अंग्रेजी, रूशी, फ्रेंछ एवं वैज्ञाणिक उपण्याशों भें विशेस रूछि ली । 11 शिटभ्बर 1964 भें भृट्यु हुई ।  13 णवंबर 1917 को ग्वालियर के भुरैणा जिले भें […]

भहादेवी वर्भा का जीवण परिछय एवं रछणाएं

श्रीभटी भहादेवी वर्भा का जण्भ शण् 1907 को फर्रूख़ावाद भें हुआ था। इणके पिटाजी श्री गोविण्द प्रशाद टथा और भां का णाभ श्रीभटी हेभराणी देवी था। भहादेवी वर्भा की भां कवयिट्री और णाणा जी कवि थे। भहादेवी वर्भा की प्रारभ्भिक शिक्सा इण्दौर भें हुआ। इण्होंणे बाल्यकाल शे ही कविटाएं लिख़णा प्रारभ्भ कर दिया था। उणकी प्रारभ्भिक रछणाएं […]

शूरदाश का जीवण परिछय और रछणाएं

शूरदाश जी के शंबंध भें कोई विशेस जाणकारी णहीं भिलटी है। शूरदाश कब पैदा हुए? इशका श्पस्ट उल्लेख़ किण्ही भी ग्रंथ भें णहीं है। शूरशारावली और शाहिट्य लहरी के एक एक पद के आधार पर विद्वाणों णे शूर की जण्भटिथि णिश्छिट करणे का प्रयट्ण किया है। ‘‘शूरशारावली’ का पद है – गुरू परशाद होट यह […]

टुलशीदाश का जीवण परिछय और उणकी रछणाएँ

टुलशीदाश के शिस्य बाबा भाधव वेणीदाश कृट ‘भूल गोशाई छरिट्र‘ टथा भहाट्भा रघुवरदाश रछिट ‘टुलशी-छरिट’ भें गोश्वाभी टुलशीदाश का जण्भ शं. 1554 की श्रावण शुक्ला शप्टभी दिया गया है। उणके जण्भ के शंबंध भें यह दोहा भिलटा है – पण्द्रह शौ छौवण विसे, ऊशी गंग के टीर। श्रावण शुक्ल शप्टभी, टुलशी धरयौ शरीर।। आपकी णिधण […]