Category Archives: हिंदी व्याकरण

विराम चिन्ह के प्रकार

पठन करते समय गति, प्रवाह व स्पष्टता लाने हेतु कुछ नियमों का पालन किया जाता है, अगर हम उन नियमों का पालन ना करें तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है। हमें कब, कहां, और कैसे बोलना है ताकि हमारी भाषा व मनोभाव व विचार ठीक तरह से सम्प्रेषणीय हो इसके लिए विराम चिन्हों का… Read More »

समास का अर्थ परिभाषा एवं प्रकार

‘समास’ शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है ‘छोटा-रूप’। अत: जब दो या दो से अधिक शब्द (पद) अपने बीच की विभक्तियों का लोप कर जो छोटा रूप बनाते हैं, उसे समास, सामासिक शब्द या समस्त पद कहते हैं। जैसे ‘रसोई के लिए घर’ शब्दों में से ‘के लिए’ विभक्ति का लोप करने पर नया शब्द… Read More »

प्रत्यय का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

वे शब्दांश जो किसी शब्द के अन्त में लगकर उस शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, अर्थात् नये अर्थ का बोध कराते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं। जैसे – समाज + इक = सामाजिक सुगन्ध + इत = सुगन्धित भूलना + अक्कड़ = भुलक्कड़ मीठा + आस = मिठास अत: प्रत्यय लगने पर… Read More »

शब्द शक्ति का अर्थ, शब्द शक्ति के प्रकार

वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं किन्तु किसी शब्द का अर्थ उसके प्रयोग पर निर्भर करता है। अत: शब्द में अन्तर्निहित अर्थ को प्रकट करने वाले व्यापार को शब्द-शक्ति कहते हैं। प्रत्येक शब्द में वक्ता के अभीष्ट अर्थ को व्यक्त करने का जो गुण होता है, वह शब्द शक्ति के कारण ही होता… Read More »

वाक्य के अंग और भेद

भाषा की सबसे छोटी इकाई है वर्ण। वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं तथा शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य। अर्थात् वाक्य शब्द-समूह का वह सार्थक विन्यास होता है, जिससे उसके अर्थ एवं भाव की पूर्ण एवं सुस्पष्ट अभिव्यक्ति होती है। अत: वाक्य में आकांक्षा, योग्यता, आसक्ति एवं क्रम का होना आवश्यक है।… Read More »

उपसर्ग का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

उपसर्ग अर्थ उपसर्गयुक्त शब्द अति  अधिक/परे  अतिशय, अतिक्रमण, अतिवृष्टि, अतिशीघ्र अत्यन्त, अत्यधिक, अत्याचार, अतीन्द्रिय अत्युक्ति, अत्युत्तम, अत्यावश्यक, अतीव अधि  प्रधान/श्रेष्ठ  अधिकरण, अधिनियम, अधिनायक अधिकार, अधिमास, अधिपति, अधिकृत अध्यक्ष, अधीक्षण, अध्यादेश, अधीन अध्ययन, अधीक्षक, अध्यात्म, अध्यापक अनु   पीछे/समान अनुकरण, अनुकूल, अनुचर, अनुज, अनुशासन, अनुरूप, अनुराग, अनुक्रम, अनुनाद, अनुभव, अनुशंसा, अन्वय, अन्वीक्षण, अन्वेषण, अनुच्छेद, अनूदित अप  बुरा/विपरीत … Read More »

वाक्य विश्लेषण क्या है?

रचना के आधार पर बने वाक्यों को उनके अंगों सहित पृथक् कर उनका पारस्परिक सम्बन्ध बताने को वाक्य विश्लेषण कहते हैं- साधारण वाक्य का वाक्य विश्लेषण : साधारण वाक्य के वाक्य विश्लेषण में सवर्प्र थम साधारण वाक्य के दो अंग-उद्देश्य तथा विधेय को बतलाना होता है, तत्पश्चात् उद्देश्य के अंगों कर्त्ता तथा कर्त्ता का विस्तारक… Read More »