Category Archives: हिंदी साहित्य

अलंकार के प्रकार और उदाहरण

आचार्य भामह ने अलंकारों के विषय में कहा है कि अलंकार काव्य का सबसे प्रमुख सौंदर्याधायक तत्त्व है। भामह ने शब्द तथा अर्थ की वक्रता से युक्त उक्ति को अलंकार बताया है। इसके पश्चात् दण्डी ने शब्दालंकारों की अपेक्षा अर्थालंकारों पर विशेष विस्तार प्रस्तुत किया। इन्होंने काव्य के शोभाकर धर्मों को अलंकार के रूप में… Read More »

छंद के प्रकार और उदाहरण

कारज धीरे होत है, काहे होत अधीर।  समय पाय तरूवर फरै, केतक सींचो नीर ।। 3. सोरठा – सोरठा अर्धसममात्रिक छंद है। यह दोहे का विपरीत होता है। इसके विषम चरणों (पहले और तीसरे) में 11, 11 मात्राएं तथा समचरणों (दूसरे और चौथे) में 13- 13 मात्राएं होती है। विषम चरणों के अन्त में तुक… Read More »

गजानन माधव मुक्तिबोध का जीवन परिचय एवं रचनाएँ

गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नबम्बर, 1917 में म.प्र. के शिवपुरी में हुआ था । इन्होंने बी.ए. तक अध्ययन प्राप्त किया । आर्थिक संकटों के बावजूद इन्होंने अंग्रेजी, रूसी, फ्रेंच एवं वैज्ञानिक उपन्यासों में विशेष रूचि ली । 11 सितम्बर 1964 में मृत्यु हुई ।  13 नवंबर 1917 को ग्वालियर के मुरैना जिले में… Read More »

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय एवं रचनाएं

श्रीमती महादेवी वर्मा का जन्म सन् 1907 को फर्रूखावाद में हुआ था। इनके पिताजी श्री गोविन्द प्रसाद तथा और मां का नाम श्रीमती हेमरानी देवी था। महादेवी वर्मा की मां कवयित्री और नाना जी कवि थे। महादेवी वर्मा की प्रारम्भिक शिक्षा इन्दौर में हुआ। इन्होंने बाल्यकाल से ही कविताएं लिखना प्रारम्भ कर दिया था। उनकी प्रारम्भिक रचनाएं… Read More »

मीराबाई का जीवन परिचय और रचनाएँ

मीराबाई का जन्म राजस्थान में मेवाड़ के निकट स्थित चौकड़ी ग्राम में सन् 1498 . के आसपास हुआ था। मीराबाई के पिता का नाम रत्न सिंह था और इनका विवाह राणा साँगा के पुत्र भोजराज के साथ हुआ था। भोजराज की मृत्यु अचानक हो जाने से मीरा का जीवन अस्तव्यस्त हो गया। वैसे तो मीरा… Read More »

रामधारी सिंह दिनकर का जीवन परिचय एवं रचनाएँ

रामधारी सिंह दिनकर प्रतिभा-सम्पन्न व्यक्ति थे। दिनकर का जन्म बिहार प्रान्त में सिमरिया नामक ग्राम में 30 सितम्बर 1908 ई. मे हुआ था। दिनकर के पिता श्री रवि सिंह साधारण स्थिति से किसान थे। वे इतने सरल एवं साधु प्रवृति के व्यक्ति थे कि उनकी उदारता और सरलता की कहानियाँ सिमरिया में आज तक बड़े… Read More »

निबंध का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

निबंध शब्द ‘नि+बंध’ से बना है, जिसका अर्थ है अच्छी तरह से बँधा हुआ। इनकी भाषा विषय के अनुकूल होती है। निबंध की शक्ति है अच्छी भाषा। भाषा के अच्छे प्रयोग द्वारा ही भावों विचारों और अनुभवों को प्रभावशाली दंग से व्यक्त किया जा सकता है। निबंध की परिभाषा बाबू गुलाब राय के अनुसार-’’निबंध का… Read More »

जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय एवं रचनाएँ

जयशंकर प्रसाद का जन्म माघ शुक्ल दशमी संवत् 1946 (सन् 1889) को काशी के एक सम्पन्न और यशस्वी घराने में हुआ था। कहा जाता है कि उनके पूर्वज मूलत: कन्नौज के थे। कन्नौज से सत्राहवीं शताब्दी में वे जौनपुर आकर बस गये थे। उसी कुल की एक शाखा अठारहवीं सदी के अंत में काशी जाकर… Read More »

हिंदी साहित्य का काल विभाजन

हिंदी साहित्य का काल विभाजन के कई आधार हो सकते हैं। कर्ता के आधार पर –प्रसाद युग, भारतेंदु युग, द्विवेदी युग।  प्रवृत्ति के आधार पर-भक्तिकाल, संतकाव्य, सूफीकाव्य, रीतिकाल, छायावाद, प्रगतिवाद। विकासवादिता के आधार पर-आदिकाल, आधुनिक काल, मध्यकाल। सामाजिक तथा सांस्कृतिक घटनाओं के आधार पर-राष्ट्रीय धारा, स्वातंत्रयोनर काल, स्वच्छंदतावाद, आदि।  इस संबंध में उल्लेखनीय हैं- काल विभाजन… Read More »

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय एवं रचनाएँ

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी श्री हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 में बलिया (उत्तरप्रदेश) जिले के आरत दुबे का छपरा नामक ग्राम में हुआ था । काशी में उन्होंने प्रवेशिका, इंटर व ज्योतिष में आचार्य की परीक्षा उत्तीर्ण की। पहले वे मिर्जापुर के एक विद्यालय में अध्यापक हुए, वहाँ पर आचार्य क्षितिजमोहन सेन ने… Read More »