Category Archives: हिन्दी शिक्षण

कविता का अर्थ, परिभाषा एवं विधियाँ

कविता क्या है- हिन्दी में काव्य, पद्य और कविता के पर्यायवाची शब्दों के रूप में प्रयोग किए जाते हैं, पर इनमें थोड़ा भेद होता है। काव्य शब्द संस्कृत भाषा का अपना शब्द है और उसमें इस शब्द का प्रयोग साहित्य के लिए होता है संस्कृत में साहित्य के दो भेद किए गए है- पद्य काव्य… Read More »

भाषा कौशल का अर्थ एवं विशेषताएँ

भाषा कौशल भाषा का व्यावहारिक पक्ष है। तथ्यों, भावों, विचारो तथा कौशल में शारीरिक अंगो, ज्ञान-इन्द्रियों, कर्म-इन्द्रियो को क्रियाशील रहना पडता है। भाषा कौशल मुख माध्यम का कार्य करती है। भाषा कौशल के मुख के अंगो को अधिक क्रियाशील होना पड़ता है। शारीरिक अंगो के साथ ज्ञान-इन्द्रियॉं तथा कर्म-इन्द्रियॉं भी सक्रिय रहती है। इस प्रकार… Read More »

व्याकरण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ एवं प्रकार

व्याकरण वह शास्त्र है जो भाषा से संबंधित नियमों का ज्ञान करता है। किसी भी भाषा की संरचना का सिद्धांत अथवा नियम ही उसका व्याकरण है। यदि नियमों द्वारा भाषा को स्थित न रखा जाए तो उसकी उपादेयता, महत्ता तथा स्वरूप ही नष्ट हो जायेगा। अत: भाषा के शीघ्र परिवर्तन को रोकने के लिए ही… Read More »

उच्चारण शिक्षण का अर्थ एवं महत्व

हिन्दी भाषा का ध्वनितत्व वैज्ञानिक है, नागरी भाषा में प्रत्येक ध्वनि के लिए निश्चित अक्षर हैं और उनका सटीक उच्चारण है। उच्चारण पर बल न देने पर उच्चारण दोष उत्पन्न होता है और भाषा का रूप विकृत होता है, उसका निश्चित रूप नहीं बन पाता है। भाषा के दो रूप हैं- मौखिक भाषा लिखित भाषा… Read More »

अक्षर विन्यास का अर्थ, महत्व एवं अशुद्धियाँ

अक्षर-विन्यास अथवा वर्तनी की शुद्धता भाषा का अनिवार्य अंग है। अभिव्यक्ति में विचारों की क्रमिकता एवं सुसम्बद्धता कितनी ही सुव्यवस्थित क्यों न हो परन्तु यदि विचारों को व्यक्त करने वाली भाषा शद्ध नहीं हो तो उसका असर नगण्य होकर रह जाएगा। भाषा की शुद्धता तो मुख्यत: शुद्ध अक्षर-विन्यास पर निर्भर करती है। शुद्ध वाक्य विन्यास… Read More »

गद्य शिक्षण का महत्व, उद्देश्य एवं विधियाँ

गद्य साहित्य का महत्त्वपूर्ण अंग है, जिसमें छन्द अलंकार योजना रस विधान आदि का निर्वाह करना आवश्यक नहीं। गद्य की विशेषता तथ्यों को सर्वमान्य भाषा के माध्यम से, ज्यों का त्यों प्रस्तुत करने में होती है। गद्य साहित्य की अनेक विधाएँ है- कहानी नाटक, उपन्यास निबन्ध, जीवनी, संस्मरण, आत्मचरित रिपोर्ताज व्यंग्य आदि। गद्य शिक्षण का… Read More »